चैनपुर (गुमला)। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी अबुआ आवास योजना का लाभ मिलने के बावजूद चैनपुर प्रखंड के बरवेनगर गांव की करीब 70 वर्षीय विधवा आमना बीबी आज भी अपने पक्के मकान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं। उनका आरोप है कि आवास स्वीकृत होने और पहली किस्त मिलने के बाद करीब दो साल से आगे की राशि का भुगतान नहीं किया गया है।
आमना बीबी, पति स्वर्गीय कमरुद्दीन मियां, ने बताया कि वर्ष 2024 में मूसलाधार बारिश के दौरान उनका अबुआ आवास स्वीकृत हुआ था। जून-जुलाई में पहली किस्त के रूप में 30 हजार रुपये उनके खाते में आए। राशि मिलने के बाद उन्होंने उम्मीद के साथ अपने आवास का निर्माण शुरू कराया और घर की नींव तैयार कराई।
इसके बाद दूसरी और तीसरी किस्त का इंतजार शुरू हो गया। पीड़िता के अनुसार, आवास योजना के समन्वयक द्वारा आवेदन पर मुखिया और ग्राम प्रधान के हस्ताक्षर करवाकर जमा कराने को कहा गया था। बुजुर्ग होने के बावजूद उन्होंने संबंधित कागजात जुटाए और अधिकारियों के निर्देश के अनुसार आवश्यक प्रक्रिया पूरी की। इसके बावजूद अब तक उन्हें अगली किस्त नहीं मिल सकी है।
आमना बीबी के पति कमरुद्दीन मियां का निधन हो चुका है। ऐसे में बुढ़ापे में उनके सामने घर को पूरा कराने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। पहली किस्त से शुरू किया गया निर्माण अधूरा पड़ा है और बारिश सहित अन्य मौसम में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पीड़िता ने प्रशासन से मामले की जांच कर जल्द से जल्द बकाया किस्तों का भुगतान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी योजना के तहत आवास स्वीकृत होने के बाद भी यदि समय पर पूरी राशि नहीं मिलेगी तो गरीब और बुजुर्ग लाभुकों के लिए पक्का मकान बनाना मुश्किल हो जाएगा।
ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मामले में संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने और पात्र लाभुक को योजना का पूरा लाभ दिलाने की मांग की है।




