फॉण्ट कनवर्टर NEW

जल-जंगल-जमीन की लड़ाई में उतरी कांग्रेस, 16 नवंबर को नाकेबंदी

Chaibasa News: 16 नवंबर 2025 को कोल्हान-पोड़ाहाट और सारंडा बचाओ समिति द्वारा आहूत आर्थिक नाकेबंदी को कांग्रेस ने नैतिक समर्थन देने का ऐलान किया है। जिला कांग्रेस समिति ने साफ कहा है कि सारंडा सेंचुरी घोषित करने का प्रस्ताव स्थानीय आदिवासी और मूलवासी समुदाय के

अपनी भाषा में पढ़ें

Chaibasa News: 16 नवंबर 2025 को कोल्हान-पोड़ाहाट और सारंडा बचाओ समिति द्वारा आहूत आर्थिक नाकेबंदी को कांग्रेस ने नैतिक समर्थन देने का ऐलान किया है। जिला कांग्रेस समिति ने साफ कहा है कि सारंडा सेंचुरी घोषित करने का प्रस्ताव स्थानीय आदिवासी और मूलवासी समुदाय के अधिकारों पर सीधा हमला है।

कांग्रेस का आर्थिक नाकेबंदी को नैतिक समर्थन, सारंडा सेंचुरी के विरोध में बोली पार्टी

जिला कांग्रेस प्रवक्ता त्रिशानु राय ने गुरुवार को जानकारी देते हुए कहा कि पार्टी जल, जंगल और जमीन की लड़ाई में हमेशा आदिवासी समाज के साथ खड़ी रही है और आगे भी मजबूती से खड़ी रहेगी।

सारंडा सेंचुरी घोषित करने पर सवाल, कहा—यह लोगों की पहचान पर हमला

कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार उद्योगपतियों के हित में सारंडा को वाइल्ड लाइफ सेंचुरी बनाने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि सारंडा केवल जंगल नहीं, बल्कि यहां के लोगों की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का केंद्र है।

त्रिशानु राय ने बताया कि सारंडा के घने जंगलों में सरना स्थलों से लेकर मसना, देवस्थल और देशाउली तक असंख्य धार्मिक स्थल मौजूद हैं। स्थानीय समुदाय इन पर अपनी आस्था और परंपरा से जुड़ा हुआ है—ऐसे में इन्हें उजाड़ने की किसी भी कोशिश का कांग्रेस कड़ा विरोध करेगी।

कांग्रेस उतरने वाली है मैदान में, नाकेबंदी में सक्रिय सहयोग

प्रवक्ता ने कहा कि सारंडा के लोगों को उनकी भूमि और पहचान से बेदखल करने की कोई भी कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी। कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक इसका विरोध करेगी। उन्होंने बताया कि 16 नवंबर को होने वाली आर्थिक नाकेबंदी को शांतिपूर्वक सफल बनाने में कांग्रेस कार्यकर्ता सक्रिय सहयोग देंगे। कांग्रेस ने साफ कहा है कि जल, जंगल और जमीन के मुद्दे केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि जनहित और अस्तित्व से जुड़े प्रश्न हैं। इसलिए संघर्ष जारी रहेगा।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram