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अमेरिका में जज की हत्या के बाद चिंतितों ने कहा- CJI पर जूता फेंकने को हल्के में न लें!

India News: अमेरिका के अल्बानिया में सोमवार को हुई एक दिल दहला देने वाली घटना ने न्यायपालिका की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। तिराना अपील्स कोर्ट में एक आरोपी ने सुनवाई के दौरान जज एस्ट्रिट कलाजा को गोली मार दी। 30 वर्षीय

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India News: अमेरिका के अल्बानिया में सोमवार को हुई एक दिल दहला देने वाली घटना ने न्यायपालिका की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। तिराना अपील्स कोर्ट में एक आरोपी ने सुनवाई के दौरान जज एस्ट्रिट कलाजा को गोली मार दी। 30 वर्षीय आरोपी ई.श. ने प्रॉपर्टी विवाद के केस में फायरिंग की, जिससे जज की मौके पर ही मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए। आरोपी भाग तो गया लेकिन थोड़ी देर में गिरफ्तार कर लिया गया। अल्बानिया के प्रधानमंत्री एडी रामा ने इस घटना को बेहद दुखद बताया।

इस घटना ने भारत में सुप्रीम कोर्ट में हुई हालिया घटना की याद दिला दी, जब सोमवार को CJI जस्टिस बीआर गवई पर एक वकील ने जूता फेंकने की कोशिश की। कोर्ट नंबर 1 में सुनवाई के दौरान 71 वर्षीय वकील राकेश किशोर ने चिल्लाते हुए कहा— “सनातन धर्म का अपमान बर्दाश्त नहीं होगा।” हालांकि, जूता बेंच तक नहीं पहुंचा और जस्टिस विनोद चंद्रन के पास से निकल गया।

CJI गवई ने शांत रहते हुए कहा, “इन बातों से विचलित न हों, ये मुझे प्रभावित नहीं करतीं।” इसके बाद भी कोर्ट की कार्यवाही सामान्य रूप से चलती रही। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत आरोपी को हिरासत में ले लिया और बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया।

जानकारों का कहना है कि अमेरिका में हुई घटना यह बताती है कि अदालतों में हिंसा या विरोध को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। क्योंकि ऐसे हमले सिर्फ जज पर नहीं, बल्कि न्याय प्रणाली और संविधान पर भी प्रहार होते हैं।

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