रांची: युवा चेतना और भारतीय संस्कृति के प्रखर संवाहक स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती के उपलक्ष्य में राजधानी के धुर्वा स्थित विवेकानंद विद्या मंदिर में दो दिवसीय भव्य अंतरविद्यालयी प्रतियोगिता ‘विवेकोत्सव-2026’ की शुरुआत हुई। इस उत्सव में रांची व आसपास के 16 प्रतिष्ठित विद्यालयों के 700 से अधिक छात्र-छात्राएं उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। साहित्य, संगीत, अभिनय, नवाचार और कला के इस अद्भुत संगम में विद्यार्थियों को अपनी बहुमुखी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का बेहतरीन मंच मिला है।
समारोह का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार, राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन और पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। उपस्थित अतिथियों ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इसके उपरांत विद्यालय के बच्चों ने मनमोहक स्वागत गान और सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत कर समां बांध दिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर आर्ट्स के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. कुमार संजय ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज की तेजी से बदलती दुनिया में स्वामी विवेकानंद के सार्वभौमिक विचारों और विश्व बंधुत्व की भावना को अपनाना पहले से कहीं अधिक आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि आधुनिक शिक्षा तभी सार्थक हो सकती है जब उसमें नैतिक मूल्यों और संस्कारों का समावेश हो।
विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य अमिताभ लाहा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि स्वामी जी के उच्च आदर्शों को आत्मसात करने का एक जीवंत माध्यम है। विवेकोत्सव छात्रों की सृजनात्मक सोच को निखारने का सशक्त मंच साबित हो रहा है।
प्रतियोगिता के दौरान स्वामी जी के ऐतिहासिक शिकागो व्याख्यान पर आधारित वक्तृत्व स्पर्धा, काव्यांजलि, वर्स ओडिसी, सुरांजलि, नाट्य सरगम और कैनवास क्रॉनिकल जैसे रचनात्मक कार्यक्रमों में बच्चों ने शानदार प्रदर्शन किया। वहीं ‘बिज विजन’ (द स्टार्टअप शोकेस), मॉक कोर्ट ट्रायल और क्रिकेट ऑक्शन जैसी आधुनिक व व्यावहारिक प्रतियोगिताओं ने प्रतिभागियों की तार्किक क्षमता और नेतृत्व कौशल को परखा। इसके अलावा कैलीग्राफी, रंग पुष्पांजलि और मृतिका सृजन (मिट्टी शिल्प) के जरिए विद्यार्थियों ने अपनी सूक्ष्म कलात्मक दृष्टि का परिचय दिया।
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में झारखंड सरकार के खेल व कला संस्कृति विभाग की उप निदेशक नूतन कुमारी और मनन विद्या की प्राचार्या रेखा नायडू भी उपस्थित रहीं। निर्णायकों और गणमान्य अतिथियों को शॉल व स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। दो दिवसीय यह उत्सव युवाओं में नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार कर रहा है।






