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निकोलस मुंडा के नेतृत्व में चार प्रखंडों के पेशा मोबिलाइजरों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

Chainpur, (Gumla): रीवैम्प्ड राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना के तहत पेशा मोबिलाइजरों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम गुरुवार से ग्राम पंचायत चैनपुर कार्यालय के सभागार कक्ष में विधिवत रूप से शुरू हो गया। जानकारी देते हुए दोपहर दो बजे बताया गया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम

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Chainpur, (Gumla): रीवैम्प्ड राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना के तहत पेशा मोबिलाइजरों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम गुरुवार से ग्राम पंचायत चैनपुर कार्यालय के सभागार कक्ष में विधिवत रूप से शुरू हो गया। जानकारी देते हुए दोपहर दो बजे बताया गया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में रायडीह, चैनपुर, डुमरी एवं जारी प्रखंड के सभी पेशा मोबिलाइजर शामिल हुए हैं।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रखंड विकास पदाधिकारी, चैनपुर के निर्देशानुसार आयोजित किया गया है। प्रशिक्षण का संचालन मास्टर ट्रेनर निकोलस मुंडा के नेतृत्व में किया जा रहा है, जो प्रतिभागियों को पंचायत प्रणाली, ग्राम स्वराज की अवधारणा तथा विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान कर रहे हैं।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना, योजनाओं की सही जानकारी पेशा मोबिलाइजरों तक पहुंचाना तथा ग्रामीण विकास कार्यों को गति देना है। प्रशिक्षण के प्रथम दिन मास्टर ट्रेनर निकोलस मुंडा ने पेशा मोबिलाइजरों को उनकी भूमिका, जिम्मेदारी और कार्यक्षेत्र के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि पेशा मोबिलाइजर पंचायत और ग्रामीण जनता के बीच सेतु का कार्य करते हैं, इसलिए उनकी सक्रियता और जागरूकता से ही सरकारी योजनाओं का लाभ सही समय पर जरूरतमंदों तक पहुंच सकता है।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान पंचायत सशक्तिकरण, ग्राम सभा की भूमिका, पारदर्शिता, सामाजिक सहभागिता तथा विकास योजनाओं की निगरानी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई। मास्टर ट्रेनर ने जोर देते हुए कहा कि ग्राम सभा को मजबूत किए बिना ग्रामीण विकास की कल्पना अधूरी है। उन्होंने मोबिलाइजरों को गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने, योजनाओं की जानकारी देने और ग्रामीण समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।

इसके अलावा प्रशिक्षण में अभिलेख संधारण, प्रतिवेदन तैयार करने की प्रक्रिया, योजनाओं की नियमित समीक्षा, डिजिटल माध्यमों के उपयोग तथा सरकारी दिशा-निर्देशों के पालन पर भी विशेष बल दिया गया। मोबिलाइजरों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित योजनाओं की प्रगति पर सतत निगरानी रखें और किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

मास्टर ट्रेनर ने यह भी बताया कि रीवैम्प्ड राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना का मुख्य उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों एवं संबंधित कर्मियों की क्षमता का विकास करना है, जिससे स्थानीय शासन व्यवस्था अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बन सके। इस प्रशिक्षण के माध्यम से पेशा मोबिलाइजरों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और वे ग्रामीण विकास कार्यों को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे।प्रशिक्षण कार्यक्रम के सुचारू संचालन हेतु संबंधित एजेंसी को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। वहीं प्रशिक्षण में शामिल पेशा मोबिलाइजरों से समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने, पूरे सत्र में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को अपने कार्यक्षेत्र में लागू करने की अपील की गई है।

उल्लेखनीय है कि यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम बारह फरवरी से चौदह फरवरी दो हजार छब्बीस तक संचालित किया जाएगा। प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से पंचायतों की कार्यप्रणाली में सकारात्मक बदलाव आएगा और ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को नई मजबूती मिलेगी। स्थानीय स्तर पर इस प्रशिक्षण को पंचायत व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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