Career Adda: आधुनिक दौर में पारंपरिक डिग्री के बजाय व्यावहारिक कौशल (Skills) का महत्व तेजी से बढ़ा है। यदि आप क्रिएटिव फील्ड में रुचि रखते हैं, तो इंटीरियर डिजाइनिंग और ग्राफिक डिजाइनिंग ऐसे दो उभरते हुए क्षेत्र हैं जहां बिना किसी औपचारिक कॉलेज डिग्री के भी शानदार और हाई-पेइंग करियर बनाया जा सकता है। उद्योग जगत में इन दोनों ही विधाओं के कुशल पेशेवरों की मांग लगातार बढ़ रही है।
1. इंटीरियर डिजाइनिंग: 12वीं के बाद सीधे बनाएं भविष्य
रियल एस्टेट, कॉर्पोरेट ऑफिस और आधुनिक आवासीय परियोजनाओं के विस्तार के साथ इंटीरियर डिजाइनर्स की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। इस क्षेत्र में करियर शुरू करने के लिए किसी लंबी डिग्री की अनिवार्यता नहीं होती। विज्ञान वर्ग (Science Stream) से 12वीं पास करने के बाद छात्र सीधे डिप्लोमा या स्पेशलाइज्ड सर्टिफिकेशन कोर्स कर सकते हैं। कोर्स के दौरान 3D मॉडलिंग, स्पेस मैनेजमेंट और आर्किटेक्चरल डिजाइनिंग की बारीकियां सिखाई जाती हैं। किसी अच्छी फर्म में 6 महीने से 1 साल की इंटर्नशिप पूरी करने के बाद अभ्यर्थी स्वतंत्र रूप से या प्रमुख डिजाइनिंग कंसल्टेंसी में अपना करियर शुरू कर सकते हैं।
2. ग्राफिक डिजाइनिंग: हर ब्रांड की पहली जरूरत
डिजिटल मार्केटिंग और सोशल मीडिया के दौर में कोई भी व्यवसाय आकर्षक विजुअल्स के बिना आगे नहीं बढ़ सकता। यही कारण है कि ब्रांड आइडेंटिटी, लोगो डिजाइन, वीडियो एडिटिंग, यूआई/यूएक्स (UI/UX) और प्रमोशनल कैंपेन के लिए ग्राफिक डिजाइनर्स की भारी मांग है। इस नौकरी के लिए औपचारिक डिग्री से अधिक आपका ‘पोर्टफोलियो’ मायने रखता है। फोटोशॉप, इलस्ट्रेटर और कैनवा जैसे टूल्स पर महारत हासिल कर युवा शॉर्ट-टर्म कोर्स और व्यावहारिक इंटर्नशिप के जरिए बेहतरीन सैलरी पैकेज पर नियुक्त हो सकते हैं।
अनुभव और स्किल सेट तय करता है पैकेज
इन दोनों ही क्षेत्रों में शुरुआती इंटर्नशिप के दौरान ही युवाओं को लाइव प्रोजेक्ट्स पर काम करने का अनुभव मिल जाता है। जैसे-जैसे पोर्टफोलियो मजबूत होता है और वास्तविक काम की समझ बढ़ती है, पेशेवर फ्रीलांसिंग के जरिए स्वतंत्र रूप से काम करके भी कंपनियों की फुल-टाइम जॉब्स से अधिक कमाई कर सकते हैं।





