रांची: राजधानी की लाइफलाइन मानी जाने वाली मेन रोड पर सोमवार को रांची नगर निगम (RMC) का सख्त रुख देखने को मिला। शहर में सुचारू यातायात और पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एकरा मस्जिद से लेकर सुजाता चौक तक एक विशेष जांच और अतिक्रमण रोधी अभियान चलाया गया। उप नगर आयुक्त रविंद्र कुमार के नेतृत्व में उतरी निगम की टीम ने सड़क किनारे से अवैध कब्जे हटाए और नियमों की अनदेखी करने वाले बड़े शोरूम्स पर तत्काल कार्रवाई की।
गिफ्ट डीड की जमीन पर मापी और बुलडोजर एक्शन
कार्रवाई के दौरान निगम अधिकारियों ने मार्ग में पड़ने वाली कई प्रमुख व्यावसायिक इमारतों जैसे चर्च कॉम्प्लेक्स, रोसपा टावर और हेब्रोन सिटी बिल्डिंग के सेटबैक एरिया और गिफ्ट डीड (सड़क चौड़ीकरण के लिए दी गई भूमि) की मापी कराई। मापी के दौरान जब रोसपा टावर के गिफ्ट डीड क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित दो दुकानें/प्रतिष्ठान पाए गए, तो उन्हें तुरंत वहां से हटाकर मार्ग को साफ कराया गया।
रीबॉक और स्केचर्स पर 25-25 हजार का जुर्माना
निगम की नजर अवैध विज्ञापनों और होर्डिंग्स पर भी पूरी तरह से टेढ़ी रही। जांच में पाया गया कि रोसपा टावर के सामने स्थित नामी ब्रांड रीबॉक और स्केचर्स के शोरूम्स ने पार्किंग और गिफ्ट डीड की जमीन पर बिना अनुमति के अपने होर्डिंग्स लगा रखे थे। नियम उल्लंघन के इस मामले में दोनों प्रतिष्ठानों पर 25,000-25,000 रुपये का भारी आर्थिक जुर्माना ठोका गया।
जब्त हुए ठेले और 12 फीट से कम ऊंचे होर्डिंग्स पर गाज
अभियान के दौरान सड़क और फुटपाथ को जाम मुक्त करने के लिए अस्थायी कब्जों पर भी नकेल कसी गई, जिसमें 5 ठेले, 1 गुमटी और कई अन्य सामान जब्त किए गए। साथ ही, झारखंड उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए पूरे मेन रोड में 12 फीट से कम ऊंचाई वाले सभी होर्डिंग्स और मोनोपोल उखाड़ फेंके गए। रोड मीडियन (विभाजक) पर बने अनधिकृत मोनोपोल पर भी निगम का डंडा चला।
नियम तोड़े तो होगी सख्त कार्रवाई: उप नगर आयुक्त
मौके पर मौजूद उप नगर आयुक्त रविंद्र कुमार ने दोटूक शब्दों में कहा कि मास्टर प्लान के तहत रांची को सुव्यवस्थित और जाम-मुक्त बनाना नगर निगम की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भवन उपविधि (Building Bylaws), अवैध पार्किंग, अतिक्रमण और बिना लाइसेंस विज्ञापन करने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। इस दौरान सहायक नगर आयुक्त और सहायक नगर निवेशक सहित निगम का भारी अमला तैनात रहा।




