Kaimur: बिहार सरकार ने राज्य के पंजीकृत श्रमिकों के परिवारों के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण घोषणा की है। श्रम संसाधन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कैमूर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बताया कि पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को जेईई (JEE), नीट (NEET) और आईएएस/आईपीएस (UPSC) जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नि:शुल्क आवासीय कोचिंग की सुविधा प्रदान की जाएगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर देना है।
600 बच्चों के लिए बनेगी नि:शुल्क आवासीय व्यवस्था
श्रम संसाधन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने शुरुआत में 600 बच्चों के लिए यह नि:शुल्क आवासीय कोचिंग व्यवस्था तैयार करने का निर्णय लिया है। उन्होंने स्वीकार किया कि पहले से भी श्रमिकों के बच्चों के लिए सुविधाओं का प्रावधान रहा है, लेकिन जागरूकता या सही मंच न मिलने के कारण इन परिवारों के बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं में उस स्तर पर प्रतिस्पर्धा नहीं कर पा रहे थे।
प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने की दिशा में कदम
मंत्री ने कहा कि वर्तमान में स्थिति यह है कि श्रमिक परिवार के बच्चे उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में कम नजर आते हैं। इसे देखते हुए श्रम विभाग ने 600 मेधावी छात्रों को चुनकर उन्हें बेहतर माहौल और नि:शुल्क कोचिंग देने का फैसला किया है। इस पहल से अब श्रमिक परिवारों के बच्चों को पैसों की तंगी के कारण पढ़ाई छोड़ने या समझौता करने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा।
पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की थी शुरुआत
नए युग की ओर बिहार का एक और ऐतिहासिक कदम।
‘बिहार स्कूल लाइव क्लासेज’ के विस्तार के माध्यम से 16 जुलाई 2026 से पटना के 150 सरकारी विद्यालयों में लाइव क्लासेज की शुरुआत होगी। कक्षा 9–12 के विद्यार्थियों को लाइव क्लास, AI आधारित अध्ययन सहायता, स्मार्ट डिजिटल कंटेंट, नोट्स, मॉक…
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) July 15, 2026
उल्लेखनीय है कि इससे पहले राजधानी पटना के शास्त्रीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी शिक्षा के क्षेत्र में कई बड़े ऐलान किए थे। मुख्यमंत्री ने पटना के 422 उच्च विद्यालयों में लाइव क्लासेस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित पढ़ाई, स्मार्ट कंटेंट, मॉक टेस्ट और 10 मॉडल विद्यालयों में जेईई-नीट की नि:शुल्क कोचिंग शुरू करने की बात कही थी, जिसे आगे बढ़ाकर 146 मॉडल विद्यालयों तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
श्रम विभाग की पहल से श्रमिकों के बच्चों को मिलेगा नया अवसर
शिक्षा विभाग के मॉडल की तर्ज पर अब श्रम संसाधन विभाग ने भी अपने स्तर पर यह योजना लागू की है। मंत्री अरुण शंकर प्रसाद का कहना है कि सरकार के इस प्रयास से श्रमिकों के प्रतिभावान बच्चों को अपनी प्रतिभा साबित करने का सीधा मौका मिलेगा और वे भी प्रशासनिक और तकनीकी सेवाओं में उच्च पदों तक पहुंच सकेंगे।





