Patna: सिनेमा और फिल्म निर्माण के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देखने वाले बिहार के प्रतिभाशाली युवाओं के लिए राज्य सरकार की नई पहल वरदान साबित हो रही है। कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के अंतर्गत ‘बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम’ (BSFDCL) ने राज्य के 47 चयनित विद्यार्थियों को 30 लाख रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति प्रदान की है। इस वित्तीय सहायता की मदद से ये युवा देश के शीर्ष फिल्म संस्थानों जैसे भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (FTII) पुणे और सत्यजीत रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (SRFTI) कोलकाता में सिनेमा की तकनीकी व रचनात्मक बारीकियां सीख रहे हैं।
युवा आबादी और सिनेमाई प्रतिभा को सही मंच
बिहार देश के सबसे युवा राज्यों में से एक है, जहाँ की लगभग 58 से 60 प्रतिशत आबादी 25 वर्ष से कम आयु की है। राज्य के युवाओं में फिल्म निर्देशन, कैमरा, एडिटिंग, पटकथा लेखन और साउंड डिजाइनिंग को लेकर गहरा रुझान है। हालांकि, फिल्म निर्माण से जुड़े शीर्ष संस्थानों की महंगी फीस और अन्य खर्चे अक्सर आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के छात्रों के आड़े आ जाते हैं।
राज्य सरकार की नई फिल्म प्रोत्साहन नीति (Bihar Film Promotion Policy) और निःशुल्क प्रशिक्षण योजनाओं का उद्देश्य इन्हीं वित्तीय बाधाओं को दूर कर एक स्वस्थ सिनेमाई संस्कृति को बढ़ावा देना है।
क्या कहते हैं चयनित छात्र?
छात्रवृत्ति हासिल कर प्रमुख संस्थानों में अध्ययनरत छात्रों ने सरकार के इस कदम को अपने करियर का टर्निंग पॉइंट बताया है:

निकेत कुमार- छात्र ,पटना निकेत कुमार (पटना): “इस छात्रवृत्ति योजना के जरिए मुझे FTII पुणे में वीडियो एडिटिंग का अध्ययन करने का अवसर मिला है। देश के इतने प्रतिष्ठित संस्थान में अपनी रचनात्मक क्षमता को तराशना गर्व की बात है। यह स्कॉलरशिप हमारे सपनों को हकीकत में बदलने की दिशा में एक बड़ी पहल है।”

आदित्य राज- छात्र,नालंदा आदित्य राज (नालंदा): “मुझे FTII पुणे में ‘साउंड रिकॉर्डिंग एंड साउंड डिजाइन’ की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता मिली है। सरकार द्वारा प्रतिभा पर विश्वास जताना हम जैसे युवाओं को नई ऊर्जा देता है।”
सिनेमा निर्माण का नया केंद्र बनने की ओर अग्रसर बिहार
मुंबई में कार्यरत और सुपौल के रहने वाले फिल्म प्रोफेशनल आजाद झा का कहना है कि किसी भी अच्छी फिल्म के निर्माण के लिए कैमरा, लाइटिंग, साउंड और एडिटिंग की प्रोफेशनल ट्रेनिंग बेहद जरूरी होती है। राज्य सरकार द्वारा सीधे देश के शीर्ष संस्थानों में छात्रों की शिक्षा को स्पॉन्सर करने से आने वाले समय में बिहार से विश्वस्तरीय तकनीशियन और फिल्मकार निकलेंगे।






