Patna: बिहार में बाढ़ की गंभीर होती स्थिति के बीच भागलपुर जिले में मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। जिले में दो अलग-अलग स्थानों पर तटबंध टूटने की सूचना मिली है, जिससे कई गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है और स्थानीय प्रशासन के लिए चुनौती काफी बढ़ गई है।
रंगरा चौक प्रखंड में कोसी का कहर
पहली घटना नवगछिया के रंगरा चौक प्रखंड के बनिया गांव में हुई, जहाँ कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज दबाव के कारण पुरानी रेलवे लाइन तटबंध का लगभग 15 मीटर हिस्सा टूट गया। इस तटबंध के टूटने के बाद कोसी का पानी अत्यधिक वेग के साथ आसपास के मैदानी इलाकों में फैलना शुरू हो गया है। इससे साधोपुर, मसुदनपुर, बैसी, भवानीपुर और बनिया जैसे कई गांवों पर बाढ़ का सीधा खतरा उत्पन्न हो गया है। स्थानीय निवासी बेहद भयभीत हैं और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
गोपालपुर प्रखंड में ब्रह्मोत्तर बांध ध्वस्त
दूसरी घटना नवगछिया के गोपालपुर प्रखंड में सामने आई, जहाँ ब्रह्मोत्तर बांध का लगभग 10 मीटर हिस्सा ध्वस्त हो गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह घटना देर रात आई तेज आंधी और भारी बारिश के कारण हुई। इस बांध के टूटने के तुरंत बाद बचाव और राहत कार्य तेजी से शुरू कर दिए गए हैं। प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवक मिलकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं। गौरतलब है कि ब्रह्मोत्तर बांध पर चार दिन पहले भी रिसाव की सूचना मिली थी, जिसके बाद से ही इसकी कमजोर स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई थी। अब इसका बड़ा हिस्सा टूटने से गोपालपुर की बड़ी आबादी के प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे ग्रामीणों की बेचैनी और अधिक बढ़ गई है।
गहराता संकट और प्रशासनिक चुनौतियां
दोनों घटनाएं अलग-अलग कारणों से हुई हैं—एक कोसी नदी के प्रबल दबाव से, तो दूसरी आंधी-बारिश के बाद। इन दोहरे तटबंध टूटने से भागलपुर में बाढ़ का संकट और गहरा गया है। कोसी के तेज बहाव और लगातार बदल रही बाढ़ की स्थिति को देखते हुए, आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा और विस्थापन एक बड़ी चिंता बन गई है। प्रशासन को अब इन दोनों मोर्चों पर एक साथ काम करते हुए, प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने और क्षति को न्यूनतम करने के लिए तत्काल कदम उठाने होंगे।




