New Delhi: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए शुक्रवार (11 सितंबर) की अल सुबह दिल्ली पहुंचे। पालम एयर फोर्स स्टेशन पर उनका स्वागत विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने किया। दिल्ली में लैंड करते ही पुतिन की एक रूसी युवती से हाथ मिलाने की तस्वीरें सामने आईं, जो दरअसल उनके सरकारी विमान की केबिन क्रू थीं। यह पुतिन के हर दौरे पर गेट पर खड़ी होकर स्वागत करने की सामान्य प्रक्रिया है।
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‘फ्लाइंग क्रेमलिन’ से पहुंचे पुतिन
पुतिन अपने विशेष विमान जिसे ‘फ्लाइंग क्रेमलिन’ भी कहा जाता है, से दिल्ली आए हैं। यह विमान एक मोबाइल कमांड सेंटर की तरह काम करता है, जिसमें उच्च सुरक्षा और संचार सुविधाएं होती हैं। पुतिन के आने से पहले ही तीन रूसी सैन्य ट्रांसपोर्ट विमान नोएडा एयरपोर्ट पर पहुंचे थे, जिनमें उनकी एडवांस टीम, सुरक्षाकर्मी और काफिले की गाड़ियां, जैसे आर्मर्ड लाई गईं थीं। खुद पुतिन पालम एयरपोर्ट पर ही पहुंचे।
18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन
तीन दिवसीय दौरे पर आए पुतिन 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जो 12 और 13 सितंबर को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हो रहा है। यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस से बाहर ब्रिक्स समिट में यह उनकी पहली व्यक्तिगत उपस्थिति है। भारत इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। समिट से पहले शुक्रवार को पुतिन ब्रिक्स बिजनेस फोरम के पूर्ण सत्र को संबोधित करेंगे और उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे।
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द्विपक्षीय चर्चा और अन्य नेता
दोनों नेता भारत-रूस इंडस्ट्रियल ट्रेड फेयर इनोप्रोम का भी दौरा करेंगे। बातचीत में रक्षा, ऊर्जा, तकनीक, फार्मास्यूटिकल्स, व्यापार और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा होने की उम्मीद है। ब्रिक्स समिट में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान सहित कई अन्य नेता शामिल हो रहे हैं, जहां वैश्विक अर्थव्यवस्था, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, स्वास्थ्य तथा आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर बात होने की संभावना है।




