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अमेरिकी हमले के बाद खाड़ी देशों में हलचल, कुवैत-बहरीन में बंकर और दहशत

World News: अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए अचानक परमाणु हमले के बाद से पूरी दुनिया में तनाव और दहशत का माहौल है। खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर ईरान की कुद्दस फोर्स की चेतावनी के बाद बहरीन और कुवैत में हड़कंप मच गया

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World News: अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए अचानक परमाणु हमले के बाद से पूरी दुनिया में तनाव और दहशत का माहौल है। खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर ईरान की कुद्दस फोर्स की चेतावनी के बाद बहरीन और कुवैत में हड़कंप मच गया है। वहीं, यूरोप के फिनलैंड में भी इस संघर्ष को लेकर असामान्य सतर्कता देखी जा रही है।

बहरीन-कुवैत: अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां

बहरीन और कुवैत—ये दो खाड़ी देश इस समय सबसे ज्यादा चिंता में हैं क्योंकि दोनों ही अमेरिकी सैन्य ठिकानों का केंद्र हैं। बहरीन में यूएस नेवी का 5वां बेड़ा स्थित है, जबकि कुवैत में कई अहम अमेरिकी बेस हैं। ईरान की कुद्दस फोर्स ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना सकती है।

इसके मद्देनजर, बहरीन ने आम नागरिकों को मिलिट्री एरिया से दूर रहने और मुख्य सड़कों से बचने की चेतावनी दी है। दूसरी ओर, कुवैत सरकार ने अपने सभी मंत्रालयों में बम शेल्टर तैयार करना शुरू कर दिया है, जो 900 लोगों को सुरक्षित रखने में सक्षम हैं।

कुवैत में मंत्रियों को बंकर में जाने के निर्देश दिए गए हैं और नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे खासकर रात में बाहर न निकलें। यह दर्शाता है कि खाड़ी देश अब सिर्फ कूटनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सुरक्षा तैयारियां कर रहे हैं।

तुर्की की चेतावनी और वैश्विक चिंता

तुर्की, जो आमतौर पर पाकिस्तान और ईरान का समर्थक रहा है, उसने भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चिंता जताई है। तुर्की के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला पूरी दुनिया को संघर्ष में झोंक सकता है। उसने सभी पक्षों से जिम्मेदारी से काम करने और कूटनीति के रास्ते समाधान निकालने की अपील की है।

फिनलैंड में बंकर बन गए सुरक्षा कवच

ईरान-इजराइल संघर्ष और अमेरिकी हस्तक्षेप से दूर, यूरोपीय देश फिनलैंड भी इस संकट से सतर्क हो गया है। रूस की सीमा से सटे फिनलैंड ने पहले से ही नागरिक सुरक्षा के लिए अभूतपूर्व इंतजाम कर रखे हैं।

फिनलैंड में करीब 50,500 सिविल डिफेंस शेल्टर हैं, जो कि सामान्य दिनों में स्विमिंग पूल, जिम, पार्क या बॉल कोर्ट के रूप में इस्तेमाल होते हैं। लेकिन जरूरत पड़ने पर इन्हें 72 घंटे के भीतर बम प्रूफ बंकरों में तब्दील किया जा सकता है। हेलसिंकी में मौजूद शेल्टर करीब 9 लाख लोगों को सुरक्षा दे सकते हैं, जो शहर की कुल आबादी से ज्यादा है।

फिनलैंड में पुरुषों के लिए अनिवार्य सैन्य सेवा है और जरूरत पड़ने पर देश 2.8 लाख सैनिकों को तुरंत तैनात कर सकता है। इसके अलावा कुल 9 लाख प्रशिक्षित सैनिकों की क्षमता भी है, जो यह साबित करता है कि यह देश संकट के लिए हर स्तर पर तैयार है।

युद्ध की आहट और भारत की चिंता

जैसे-जैसे संघर्ष गहराता जा रहा है, पूरे मिडिल ईस्ट और यूरोप में युद्ध की आहट महसूस की जा रही है। अमेरिका के ईरान पर किए गए हमले से ये साफ हो गया है कि मामला अब दो देशों तक सीमित नहीं रहा।

इसका असर भारत जैसे देशों पर भी पड़ सकता है जो खाड़ी क्षेत्र से तेल और ऊर्जा आयात करते हैं। ईरान या उसके सहयोगियों द्वारा जवाबी कार्रवाई में यदि सप्लाई चैन बाधित हुई तो भारत में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसलिए भारत सहित पूरी दुनिया इस संघर्ष के समाप्त होने की उम्मीद कर रही है।

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