पटना : बिहार में मनरेगा की जगह 1 जुलाई 2026 से लागू हुई वीबी-जी राम जी योजना के तहत अब तक 10 लाख 89 हजार ग्रामीण परिवारों को रोजगार दिया गया है। इस दौरान राज्य में 179 लाख मानव दिवस का सृजन हुआ है। ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार, इसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की भागीदारी 17.48 प्रतिशत रही, जबकि महिलाओं की भागीदारी 57.58 प्रतिशत है।
योजना के तहत अब तक 457 करोड़ 93 लाख रुपये के भुगतान को मंजूरी दी जा चुकी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जुलाई 2026 से मार्च 2027 तक योजना के लिए केंद्र और राज्य सरकार की हिस्सेदारी मिलाकर 11 हजार 193 करोड़ रुपये का अंतरिम बजट रखा गया है। इसमें से अब तक 2 हजार 679 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है।
वीबी-जी राम जी योजना के तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार देने के साथ उनकी आजीविका मजबूत करना और टिकाऊ ग्रामीण परिसंपत्तियों का निर्माण करना है।
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि योजना के तहत रोजगार देने के साथ आजीविका संवर्द्धन, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आधारभूत संरचनाओं के निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवारों को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि विकसित भारत–रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 बिहार के पूरे ग्रामीण क्षेत्र में 1 जुलाई 2026 से लागू है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के गरीब परिवारों को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराना है।




