जामताड़ा: जिले में अवैध खनन, कोयला परिवहन और भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। गुरुवार को समाहरणालय सभागार में डीसी आलोक कुमार की अध्यक्षता में खनन टास्क फोर्स की बैठक हुई। बैठक में बंद खदानों की माइन क्लोजर, अवैध कोयला परिवहन, बालू उठाव और NGT के निर्देशों के पालन की समीक्षा की गई।
बंद खदानों को लेकर ECL पर नाराजगी
डीसी ने नाला प्रखंड के कास्ता क्षेत्र में बंद पड़े खनन पट्टों की माइन क्लोजर की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने ECL पांडेश्वर एरिया प्रबंधन के रवैये पर भी सवाल उठाए।
डीसी ने कहा कि बंद खदानों में किसी तरह की दुर्घटना या जान-माल का नुकसान होने पर ECL पांडेश्वर एरिया के GM समेत संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे। उन्होंने अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर माइन क्लोजर की ताजा रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
उन्होंने बंद खदानों के मुहाने और रैट होल को नियंत्रित ब्लास्टिंग और वैज्ञानिक तरीके से पूरी तरह बंद करने को कहा। डीसी ने साफ किया कि जिले में किसी भी तरह का अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
GPS से होगी कोयला लदे वाहनों की निगरानी
डीसी ने चितरा कोलियरी से जामताड़ा साइडिंग तक कोयला ले जाने वाले वाहनों की GPS से निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जो वाहन तय रास्ते से हटकर चलते हैं या संदिग्ध तरीके से कहीं खड़े मिलते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा अनफिट डंपरों से कोयला ढुलाई पर रोक लगाने और बिना तिरपाल ढके कोयला ले जाने वाले वाहनों पर भी सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।




