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खासमहल जमीन घोटाले में 7 पर FIR, गुत्थी सुलझाने में जुटी ACB

Hazaribagh News : झारखंड में एक बार फिर जमीन घोटाले का मामला सुर्खियों में है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने खासमहल जमीन घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। यह मामला वर्षों पुराना है, लेकिन हाल ही में

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Hazaribagh News : झारखंड में एक बार फिर जमीन घोटाले का मामला सुर्खियों में है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने खासमहल जमीन घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। यह मामला वर्षों पुराना है, लेकिन हाल ही में हुई प्रारंभिक जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिन्होंने जांच एजेंसी को भी हैरान कर दिया।

ACB द्वारा दर्ज की गई FIR में जिन लोगों के नाम शामिल हैं, उनमें तत्कालीन खासमहल पदाधिकारी विनोद चंद्र झा, बसंती सेठी, उमा सेठी, इंद्रजीत सेठी, राजेश सेठी, विजय प्रताप सिंह और सुजीत कुमार सिंह के नाम प्रमुख हैं। बताया जा रहा है कि इन सभी पर खासमहल की जमीन से जुड़े दस्तावेजों और प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं के आरोप हैं।

सूत्रों के अनुसार, मामला तब सामने आया जब ACB को शिकायत मिली कि हजारीबाग के खासमहल क्षेत्र में सरकारी जमीन को निजी व्यक्तियों के नाम पर गलत तरीके से दर्ज किया गया है। इस शिकायत के बाद ACB ने प्रारंभिक जांच शुरू की, और जांच के दौरान ऐसे साक्ष्य मिले जिनसे आरोपियों की संलिप्तता साबित होती है।

थाना प्रभारी सौरभ लकड़ा की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में स्पष्ट किया गया कि इन आरोपियों ने पद और प्रभाव का दुरुपयोग कर सरकारी संपत्ति को हड़पने की कोशिश की। प्रारंभिक जांच में सामने आए दस्तावेज़ और गवाहों के बयान इस बात की पुष्टि करते हैं कि जमीन के हस्तांतरण और रजिस्ट्री की प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई।

ACB अधिकारियों का कहना है कि अभी यह सिर्फ शुरुआत है। मामले की गहन जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। जांच एजेंसी इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इस घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।

स्थानीय लोगों का कहना है कि खासमहल की जमीन वर्षों से विवादों में रही है। कई बार इन जमीनों पर अवैध कब्जे और फर्जी दस्तावेज़ तैयार करने की खबरें आती रही हैं, लेकिन पहली बार इस तरह की ठोस कार्रवाई हुई है। ACB की इस पहल से लोगों में उम्मीद जगी है कि जमीन माफियाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और सरकारी संपत्ति को बचाया जा सकेगा।

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