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5 शहरों से 26 तक पहुंची मेट्रो, 10 साल में बदल गई शहरी भारत की तस्वीर!

पीएम नरेंद्र मोदी ने देश में मेट्रो नेटवर्क के तीव्र विस्तार, पुणे मेट्रो की नई परियोजनाओं और शहरी परिवहन में आए क्रांतिकारी बदलावों की विस्तृत जानकारी साझा की।

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New Delhi: पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देश के शहरी परिवहन ढांचे में आए अभूतपूर्व बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में भारत के मेट्रो नेटवर्क का दायरा तेजी से बढ़ा है।


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए गए अपने एक पोस्ट में पीएम ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2014 में देश के केवल 5 शहरों में 248 किलोमीटर लंबा मेट्रो नेटवर्क था, जो अब बढ़कर लगभग 1,200 किलोमीटर तक पहुंच चुका है और देश के 26 प्रमुख शहरों को आपस में जोड़ रहा है।

पुरानी रफ्तार और प्रशासनिक इच्छाशक्ति पर बात

पीएम ने अपने पोस्ट में सवालिया लहजे में कहा कि यदि भारत का मेट्रो नेटवर्क 2014 से पहले की धीमी गति से ही आगे बढ़ता रहता, तो पुणे जैसे प्रमुख शहरों को मेट्रो सेवा मिलने में सालों नहीं बल्कि शायद दशकों का समय लग जाता। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह स्थिति देश के विकास के लिए स्वीकार्य नहीं थी, और इसी सोच के साथ शहरी परिवहन ढांचे के विस्तार को सर्वोच्च गति दी गई।

यात्रियों की संख्या और जीवन की सुगमता

आज के समय में प्रतिदिन 1 करोड़ से अधिक लोग मेट्रो के जरिए अपनी यात्रा पूरी कर रहे हैं। पीएम ने इस बात पर जोर दिया कि इसका प्रभाव केवल आंकड़ों या भौतिक संख्याओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर नागरिकों के दैनिक जीवन पर पड़ रहा है। मेट्रो के विस्तार से लोगों का ट्रैफिक में फंसने वाला समय बच रहा है, जिससे उन्हें अपने परिवार के साथ बिताने के लिए अधिक समय मिल रहा है, कार्य उत्पादकता में सुधार हो रहा है और रोजगार व व्यवसाय के बेहतर अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।

पुणे मेट्रो की नई पिंक लाइन और सौर ऊर्जा पहल

इससे पहले, पीएम मोदी ने गत 2 नवंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुणे मेट्रो से जुड़ी लगभग 21,800 करोड़ रुपए की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया था। इस दौरान उन्होंने पुणे मेट्रो की नई पिंक लाइन (लाइन-3) की विशेषताओं का विशेष उल्लेख किया:

  • हिंजेवाड़ी से कनेक्टिविटी: करीब 23 किलोमीटर लंबी यह लाइन हिंजेवाड़ी के प्रमुख आईटी हब को शिवाजीनगर से जोड़ेगी, जिससे लाखों दैनिक यात्रियों को भारी राहत मिलेगी।

  • महिला सशक्तिकरण: इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका संचालन पूरी तरह से महिला ट्रेन ऑपरेटरों द्वारा किया जाएगा, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अनूठी पहल है।

  • पर्यावरण-अनुकूल पहल: परियोजना की लगभग 30 प्रतिशत बिजली की जरूरतें सौर ऊर्जा के माध्यम से पूरी की जाएंगी, जिससे यह एक हरित और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन मॉडल के रूप में उभरेगी।

  • फेज-2 की आधारशिला: पीएम ने करीब 13,500 करोड़ रुपए की लागत वाले पुणे मेट्रो फेज-2 की भी आधारशिला रखी, जिसके तहत लाइन 2ए, 2बी, 4 और 4ए का विकास किया जाएगा।

सरकार का मुख्य उद्देश्य ऐसे आधुनिक और टिकाऊ बुनियादी ढांचे का निर्माण करना है जो नागरिकों के जीवन को आसान (Ease of Living) बनाए और देश की आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार दे।

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