चैनपुर (गुमला): झारखंड के गुमला जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र से इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक बेहद घिनौनी और सनसनीखेज घटना सामने आई है। करमा पर्व की खुशियों के बीच एक नाबालिग लड़की के साथ दो दरिंदों ने सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश और सनसनी फैल गई है। हालांकि, खाकी ने तत्परता दिखाते हुए महज तीन घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को धर दबोचा है।
करमा पर्व की खुशियों परवान चढ़ने से पहले ही हैवानियत का शिकार हुई बेटी
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, शनिवार (31 अक्टूबर 2026) को एक नाबालिग लड़की करमा पर्व मनाने के लिए अपने गांव से दूर केराबार ठूठा टोली आई हुई थी। पर्व की रौनक के बीच वह अपनी खुशियों में मशगूल थी, लेकिन उसे क्या पता था कि घात लगाए बैठे दो राक्षस उसकी जिंदगी को अंधकार में धकेलने की ताक में बैठे हैं।
आरोप है कि शनिवार की रात करीब आठ बजे दो शोहदों ने मौका पाकर नाबालिग को अपनी हवस का शिकार बनाया और सामूहिक दुष्कर्म की इस नीच घटना को अंजाम दिया। घटना के बाद से पीड़िता बुरी तरह सहमी हुई थी।
पीड़िता की हिम्मत ने दिखाई राह, पुलिस ने तीन घंटे में किया पर्दाफाश
सन्नाटे और डर को चीखकर पार करते हुए रविवार (1 नवंबर 2026) की सुबह पीड़िता ने अनुकरणीय हिम्मत दिखाई। वह सीधे चैनपुर थाना पहुंची और थाना प्रभारी के सामने अपनी आपबीती रोते-बिलखते बयां की।
मामले की गंभीरता को भांपते हुए थाना प्रभारी ने बिना एक पल गंवाए तुरंत ऐक्शन लिया। पुलिस टीम ने ताबड़तोड़ दबिश देते हुए महज तीन घंटे के भीतर केराबार ठूठा टोली से दोनों आरोपियों को शिकंजे में कस लिया।
एक नाबालिग, दूसरा जशपुर का रहने वाला ‘मुंहबोला’ दरिंदा
पुलिस की पूछताछ में एक चौंकाने वाला सच सामने आया। पकड़े गए दोनों आरोपियों में से एक विधि-विवादित किशोर (नाबालिग) है, जबकि दूसरा मुख्य आरोपी दयानंद सिंह (उम्र 21 वर्ष), पिता रामगोविंद सिंह है। वह मूल रूप से लोदाम थाना क्षेत्र (जिला जशपुर) का रहने वाला है, जो फिलहाल केराबार ठूठा टोली में अपनी मुंहबोली फुआ के यहां रहकर खेती-बाड़ी का काम करता था।
पुलिस ने पीड़िता को तुरंत चिकित्सकीय (मेडिकल) जांच के लिए भेज दिया है। कड़ाई से पूछताछ और कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सोमवार (2 नवंबर 2026) को दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में गुमला भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की तह तक जाने के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है, जबकि पीड़िता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी गई है।
– रिपोर्टर: सुंदरम कुमार







