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बिहार के युवाओं के लिए खुल रहे नौकरी के दरवाजे, तीन महीने में 60 हजार को रोजगार

बिहार में रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे अभियानों के तहत मात्र तीन महीनों में 60 हजार से अधिक युवाओं को नौकरियां मिली हैं, जबकि पोर्टल पर लगभग 2 लाख अभ्यर्थियों ने पंजीयन कराया है।
बिहार रोजगार सेतु पोर्टल

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Patna: बिहार सरकार राज्य के युवाओं को रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्तरों पर नियोजित प्रयास कर रही है। राज्य, प्रमंडल, जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर पर आयोजित किए जा रहे इन मेलों के माध्यम से तकनीकी एवं गैर-तकनीकी क्षेत्रों की निजी कंपनियों को युवाओं से सीधे जुड़ने का सुनहरा अवसर मिल रहा है। इसके अलावा बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के उद्देश्य से राज्य स्तरीय मेगा जॉब फेयर का भी सफलतापूर्वक आयोजन किया जा रहा है।

रोजगार सेतु पोर्टल पर उमड़ी युवाओं की भीड़

विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, आधिकारिक बिहार रोजगार सेतु पोर्टल (detjob.bihar.gov.in) पर अब तक राज्य के विभिन्न जिलों से कुल 1,97,078 अभ्यर्थियों ने अपना पंजीयन कराया है। इसके तहत आयोजित 125 नियोजन मेलों के माध्यम से कुल 26,162 अभ्यर्थियों को रोजगार के बेहतरीन अवसर प्राप्त हुए हैं। वहीं, राजधानी पटना के ज्ञान भवन में स्वास्थ्य एवं बैंकिंग क्षेत्र से संबंधित आयोजित दो मेगा जॉब फेयर में 33,352 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। इस प्रकार कुल मिलाकर लगभग 60 हजार युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा चुका है।

निजी क्षेत्र की भागीदारी से बढ़ी उम्मीदें

इन नियोजन मेलों में फ्लिपकार्ट, अमेजन, भारती एयरटेल लिमिटेड, रिलायंस रिटेल, टाटा क्रोमा, टाटा मोटर्स, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक और मैनपावर ग्रुप सहित देश और दुनिया की सैकड़ों प्रतिष्ठित निजी क्षेत्र की कंपनियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया है।

स्वास्थ्य क्षेत्र के दिग्गजों की मौजूदगी

दूसरी ओर, स्वास्थ्य क्षेत्र के मेगा जॉब फेयर में मेदांता ग्रुप, पारस, अपोलो, रूबन, अखंड ज्योति और पोर्टिया जैसे नामचीन संस्थानों ने हिस्सा लिया। विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, बिहार रोजगार सेतु पोर्टल का शुभारंभ अप्रैल 2026 में किया गया था। इसके बाद जुलाई से सितंबर 2026 तक आयोजित नियोजन मेलों में कुल 1,183 कंपनियों ने भाग लिया, जिसमें 75,932 अभ्यर्थियों ने बायोडाटा जमा किया और चयन प्रक्रिया के उपरांत 27,269 युवाओं को नौकरियां मिलीं।

समावेशी विकास और विशेष नियोजन मेले

सरकार का मुख्य उद्देश्य रोजगार के इन अवसरों को समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचाना और निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी बढ़ाना है, जिसके तहत दिव्यांगजनों को भी रोजगार से जोड़ने के लिए विशेष नियोजन मेलों का आयोजन किया जा रहा है।

एक करोड़ नौकरी-रोजगार का महा-लक्ष्य

गौरतलब है कि राज्य सरकार के ‘सात निश्चय-3’ के तहत वर्ष 2025 से 2030 तक राज्य में कुल एक करोड़ नौकरी एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी दिशा में नियोजन मेलों, मेगा जॉब फेयर और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाने की पहल लगातार जारी है।

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