Patna: राज्य के किसानों को उच्च गुणवत्तायुक्त बीजों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा बीज उत्पादन, प्रसंस्करण और भंडारण से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में कृषि विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
11.82 करोड़ रुपए से अधिक की योजनाओं को मंजूरी
कृषि मंत्री ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन–बीज घटक (कृषोन्नति योजना) के अंतर्गत बीज गुणवत्ता नियंत्रण को मजबूत करने, बीज अवसंरचना के निर्माण व आधुनिकीकरण और राष्ट्रीय बीज भंडारण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए कुल 11 करोड़ 82 लाख रुपए से अधिक की राशि की योजना के कार्यान्वयन और इसके व्यय की स्वीकृति प्रदान की गई है।
अन्नदाताओं को आत्मनिर्भर बनाने का विजन
मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त एवं समृद्ध अन्नदाता के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए बिहार सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी विजन के अनुरूप किसानों को आधुनिक भंडारण सुविधाओं का लाभ देने, गुणवत्तायुक्त बीज समयबद्ध तरीके से मुहैया कराने तथा प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी बीजों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है ताकि राज्य के किसान आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से समृद्ध बन सकें।
बीज गुणवत्ता नियंत्रण का सुदृढ़ीकरण
इस योजना के तहत बीज गुणवत्ता नियंत्रण को धार देने के लिए बसोका के अधीन मुजफ्फरपुर और भागलपुर स्थित बीज विश्लेषण प्रयोगशालाओं, राज्यस्तरीय बीज विश्लेषण प्रयोगशाला तथा कैमूर स्थित क्षेत्रीय बीज विश्लेषण प्रयोगशाला का आधुनिकीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।
नए संयंत्रों और गोदामों का निर्माण
बीज अवसंरचना के विकास के तहत हाजीपुर और भागलपुर में आधुनिक बीज प्रसंस्करण संयंत्रों का निर्माण व आधुनिकीकरण किया जाएगा। इसके अलावा, लखीसराय जिले के हलसी में भी बीज प्रसंस्करण संयंत्र का निर्माण और सुदृढ़ीकरण होगा। साथ ही, हाजीपुर और हलसी में अत्याधुनिक बीज भंडारण गोदामों का निर्माण भी कराया जाएगा।
आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने की तैयारी
कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि गुणवत्तायुक्त बीज ही किसी भी सफल कृषि उत्पादन की मुख्य आधारशिला होते हैं। इस पूरी योजना का मुख्य उद्देश्य बीज प्रसंस्करण, भंडारण और वितरण व्यवस्था के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार करना है। वर्तमान इकाइयों की कार्यक्षमता और दक्षता बढ़ाने से प्राकृतिक आपदाओं या किसी अन्य आकस्मिक स्थिति में भी किसानों को समय पर बीज मिल सकेंगे, जिससे कृषि उत्पादकता और किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।






