Patna: खरीफ विपणन मौसम 2026-27 के अंतर्गत उत्तर बिहार के 19 जिलों में रविवार, 1 नवंबर 2026 से धान अधिप्राप्ति की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से प्रारंभ हो जाएगी। किसानों की सुविधा के लिए राज्यभर में कुल 2,385 पैक्स एवं व्यापार मंडलों को क्रय केंद्र के रूप में चयनित किया गया है। इन सभी चयनित केंद्रों पर धान खरीद से जुड़ी सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, ताकि अन्नदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। किसान इन केंद्रों पर अपना धान बेचकर सरकार द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का पूरा लाभ उठा सकेंगे।
न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की दरें निर्धारित
भारत सरकार द्वारा खरीफ विपणन मौसम 2026-27 के लिए धान की कीमतें पहले ही घोषित की जा चुकी हैं। इसके तहत सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,441 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,461 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। सरकार का यह प्रयास किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
मंत्री राम कृपाल यादव के कड़े निर्देश
बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा और उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि धान अधिप्राप्ति की पूरी प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाएगी। यदि किसी भी स्तर पर कोई अनियमितता या लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों की कड़ी जवाबदेही तय की जाएगी।
किसानों को समय पर मिलेगा हक
माननीय मंत्री ने निर्देश दिया है कि धान खरीद की यह पूरी प्रक्रिया तय मानकों और दिशा-निर्देशों के अनुसार ही संचालित हो। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को अपनी उपज बेचने में कोई परेशानी न हो और कृषि बाजार में बिचौलियों की भूमिका पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया जा सके।
विभाग की कड़ी निगरानी
सहकारिता विभाग द्वारा धान अधिप्राप्ति की इन तैयारियों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। क्रय केंद्रों के चयन के साथ-साथ सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी जिला अधिकारियों और संबंधित पदाधिकारियों को नियमित अनुश्रवण करने तथा किसानों की शिकायतों का त्वरित निष्पादन करने के निर्देश दिए गए हैं।
15 नवंबर से दक्षिण बिहार में शुरुआत
उल्लेखनीय है कि उत्तर बिहार के बाद राज्य के दक्षिण बिहार के जिलों में भी आगामी 15 नवंबर 2026 से धान अधिप्राप्ति शुरू करने की व्यापक तैयारियां चल रही हैं। राज्य सरकार का मूल उद्देश्य यही है कि राज्य के हर कोने के किसानों को उनकी मेहनत का सही और समयबद्ध मूल्य मिले तथा पूरी व्यवस्था पारदर्शी और जवाबदेह बनी रहे।






