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खेत बचाओ अभियान में कृषि मंत्री की दोटूक- नकली खाद-बीज बेचने वालों की खैर नहीं!

मुजफ्फरपुर से शुरू अभियान 30 नवंबर 2026 तक चलेगा। बिहार के 534 प्रखंडों में किसान जागरूकता शिविर लगाने और 15 से 16 लाख किसानों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।

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Patna: राज्य में खेतों और मिट्टी के संरक्षण के साथ किसानों को जागरूक करने के लिए ‘खेत बचाओ अभियान-सह-कृषि जन कल्याण संवाद’ की शुरुआत की गई है। सोमवार को मुजफ्फरपुर से कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इस अभियान का शुभारंभ किया। ‘खेत बचाओ, जीवन बचाओ’ के संदेश के साथ शुरू हुआ यह अभियान 30 नवंबर 2026 तक चलेगा। राज्य सरकार ने रबी मौसम 2026-27 में बिहार के सभी 534 प्रखंडों तक अभियान पहुंचाने और 15 से 16 लाख किसानों को जागरूक करने का लक्ष्य रखा है।

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बिहार के सभी 534 प्रखंडों में चलाया जाएगा अभियान

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि खेतों का संरक्षण केवल खेती तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह मिट्टी, किसानों और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन का उल्लेख करते हुए खेतों के संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की अपील की।

मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार के आह्वान पर 22 अक्टूबर से देशव्यापी खेत बचाओ अभियान शुरू हुआ है। बिहार में भी इसे जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। मुजफ्फरपुर से अभियान को नई गति देने और गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया है।

रबी मौसम 2026-27 में राज्य के सभी 534 प्रखंडों में अभियान चलाने की योजना है। इसके तहत प्रत्येक प्रखंड की कम से कम दो पंचायतों में विशेष किसान जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य इन गतिविधियों के माध्यम से 15 से 16 लाख किसानों तक सीधे पहुंचना है।

7,275 किसान बैठकों में 6.19 लाख किसानों ने लिया हिस्सा

कृषि मंत्री ने बताया कि खरीफ मौसम के दौरान पूरे बिहार में 7,275 किसान बैठकों का आयोजन किया गया। इनमें कुल 6,19,436 किसानों ने भाग लिया। इनमें 2,12,610 महिला किसान भी शामिल थीं।

उन्होंने कहा कि किसानों की यह भागीदारी मिट्टी के स्वास्थ्य और खेतों के संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाती है। अभियान के माध्यम से किसानों को खेती की वैज्ञानिक पद्धतियों, संतुलित उर्वरक उपयोग और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया जाएगा।

नकली खाद और बीज बेचने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

कृषि जन कल्याण संवाद के दौरान विजय कुमार सिन्हा ने नकली खाद और बीज की बिक्री का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि नकली उर्वरकों के उत्पादन और बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि नकली खाद और बीज से जुड़े मामलों का खुलासा करने तथा दोषियों की पहचान उजागर करने वाले अधिकारियों को उनके सराहनीय कार्य के लिए विभाग की ओर से सम्मानित किया जाएगा।

कृषि मंत्री ने किसानों को यूरिया और अन्य उर्वरकों के संतुलित इस्तेमाल के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि मिट्टी की नियमित जांच और उसकी जरूरत के अनुसार उर्वरकों का उपयोग करना जरूरी है।

मिट्टी की जांच के बाद ही करें उर्वरकों का संतुलित इस्तेमाल

विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि आवश्यकता से अधिक रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल खेती की लागत बढ़ाने के साथ मिट्टी के स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकता है। इसलिए किसानों को मिट्टी की जांच कराने, मृदा स्वास्थ्य कार्ड की सिफारिशों का पालन करने और वैज्ञानिक सलाह के आधार पर उर्वरकों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण यह नहीं है कि खेत में कितनी खाद डाली गई, बल्कि यह है कि मिट्टी की जरूरत के मुताबिक खाद का कितना सही इस्तेमाल किया गया। इससे उर्वरकों का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने, मिट्टी की सेहत बनाए रखने और कृषि उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को मिलेगी प्राथमिकता

कृषि मंत्री ने प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस पद्धति को अपनाने वाले किसानों को कृषि यंत्रीकरण योजनाओं के तहत प्राथमिकता दी जाएगी।

उन्होंने प्राकृतिक खेती में जैविक खादों के उपयोग पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करना, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना और पर्यावरण के अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना है।

मंत्री ने पानी बचाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अभियान की वास्तविक सफलता तभी होगी, जब किसान खेती करने के तरीकों में सकारात्मक बदलाव लाएंगे और वैज्ञानिक सलाह के आधार पर कृषि कार्य करेंगे।

किसानों की भागीदारी से जन-आंदोलन बनाने की अपील

कृषि मंत्री ने किसानों से खेत बचाओ अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने और इसे जन-आंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मिट्टी का स्वास्थ्य सुरक्षित रखने, खेती को समृद्ध बनाने और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य बेहतर बनाने के लिए किसानों की भागीदारी जरूरी है।

कार्यक्रम में पद्मश्री राजकुमारी देवी, कृषि निदेशक मुकेश लाल, उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार, बामेती निदेशक पवन कुमार सहित कृषि विभाग के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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