Patna: बिहार के ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए अब छोटे-मोटे और आपसी विवादों को सुलझाने के लिए जिला अदालतों के चक्कर काटने की मजबूरी खत्म होती जा रही है। पंचायती राज विभाग द्वारा संचालित ‘ई-ग्राम कचहरी पोर्टल’ ग्रामीण स्तर पर त्वरित और सुलभ न्याय की अवधारणा को मजबूत करने में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। इस डिजिटल व्यवस्था के माध्यम से गांवों में ही मुकदमों का प्रभावी समाधान निकल रहा है, जिससे ग्रामीणों के समय और पैसे दोनों की भारी बचत हो रही है।
पोर्टल पर अब तक के आंकड़े और प्रगति
विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2025 से लेकर अब तक इस डिजिटल पोर्टल पर दर्ज कुल मामलों में से 44 हजार से अधिक वादों का सफल निपटारा किया जा चुका है। इन निपटाए गए मामलों में मुख्य रूप से दो श्रेणियां शामिल हैं:
– दीवानी वाद: जमीन-जायदाद, संपत्ति और आपसी लेन-देन से जुड़े 22 हजार से अधिक मामले।
– फौजदारी वाद: मारपीट और छोटे-मोटे विवादों से जुड़े लगभग 22 हजार मामले।
इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए वादों की लाइव ट्रैकिंग आसान हो गई है। ग्रामीण खुद पोर्टल पर अपने मामले की स्थिति देख सकते हैं, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ने के साथ-साथ गांवों में आपसी सौहार्द और भाईचारा भी मजबूत हो रहा है।
मामलों के निपटारे में आगे रहे ये जिले
दीवानी और फौजदारी मामलों को सुलझाने और डिजिटल न्याय को धरातल पर उतारने में राज्य के कुछ जिलों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है:
– पश्चिम चंपारण: यह जिला मामलों के निपटारे में पूरे राज्य में अव्वल रहा है। यहाँ कुल 1,965 वाद दर्ज किए गए, जिनमें से 1,812 मामलों (92%) का सफल समाधान किया गया। इसमें 1,235 दीवानी और 625 फौजदारी वाद शामिल हैं।
– लखीसराय: इस जिले में दर्ज 1,304 मामलों में से 994 मामले (76%) निपटाए जा चुके हैं।
– मधेपुरा: मधेपुरा में 1,433 दर्ज मामलों में से 1,062 मामले (74%) हल किए जा चुके हैं।
पोर्टल पर वाद दर्ज करने की सरल प्रक्रिया
यदि ग्रामीण अपनी किसी भी समस्या या विवाद के समाधान के लिए ई-ग्राम कचहरी पोर्टल पर मामला दर्ज करना चाहते हैं, तो वे नीचे दी गई प्रक्रिया का पालन कर सकते हैं:
– सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट https://egramkachari.bihar.gov.in पर जाएं।
– अपने मोबाइल नंबर और ओटीपी (OTP) के जरिए पोर्टल पर पंजीकरण (Registration) करें।
– लॉगिन करने के बाद ‘केस एंट्री’ विकल्प में जाएं और ‘एड न्यू’ पर क्लिक करके विवाद से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां भरें।
– इसके बाद संबंधित सरपंच, उप-सरपंच या पंच का चयन करके अपना वाद सफलतापूर्व दर्ज कर सकते हैं।
पंचायती राज विभाग की इस डिजिटल पहल ने ग्रामीण न्याय व्यवस्था को एक नई रफ्तार दी है, जिससे आम जनता को घर बैठे त्वरित न्याय का लाभ मिल रहा है।





