Patna: बिहार स्वास्थ्य विभाग की ड्रग कंट्रोलर टीम को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पटना के कंकड़बाग इलाके में एक बड़ी कार्रवाई की गई है। औषधि नियंत्रण विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने कंकड़बाग थाना क्षेत्र के डी-167, पी.सी. कॉलोनी स्थित सेलुलस फार्मा (M/s Cellulas Pharma Private Limited) पर औचक छापेमारी की। इस दौरान प्रतिष्ठान में भारी पैमाने पर अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद सख्त प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
छापेमारी के दौरान क्या-क्या खुलासे हुए?
औचक निरीक्षण के वक्त प्रतिष्ठान के संचालक मृत्युंजय कुमार सिंह मौके पर मौजूद थे। जांच के दौरान टीम को कई गंभीर खामियां हाथ लगीं:
– दस्तावेजों और रिकॉर्ड्स की कमी: प्रतिष्ठान की ओर से औषधियों के क्रय-विक्रय (खरीद-बिक्री) से जुड़े कोई भी वैध अभिलेख या आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए।
– अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) और भंडारण नियमों का उल्लंघन: जांच में पता चला कि प्रतिष्ठान के पास केवल एक कमरे (11.15 वर्ग मीटर) के लिए ही औषधि अनुज्ञप्ति थी, जबकि नियमों को ताक पर रखकर दवाइयों का भंडारण चार अलग-अलग कमरों में किया जा रहा था। इसके अलावा, अनुज्ञप्ति की शर्तों के मुताबिक मुख्य गेट पर साइनबोर्ड भी प्रदर्शित नहीं पाया गया था और दवाओं के रखने की व्यवस्था भी पूरी तरह असंतोषजनक थी।
– कमरा सील: इन तमाम अनियमितताओं को देखते हुए टीम ने फ्लैट के मुख्य द्वार को तत्काल सील कर दिया।
कार्रवाई और जब्ती
– दवाइयों की बिक्री पर रोक: नियमों का उल्लंघन मिलने पर कुल 10 प्रकार की औषधियों की बिक्री और निकासी पर तुरंत रोक लगाते हुए प्रपत्र-15 जारी किया गया।
– दवाएं जब्त और नमूने संग्रहित: टीम ने मौके से दो एक्सपायर (अवधि पार) हो चुकी औषधियों को प्रपत्र-16 के तहत जब्त किया। साथ ही, गुणवत्ता की जांच के लिए 7 अलग-अलग औषधियों के नमूने (सैंपल) संग्रहित कर जाँच एवं विश्लेषण के लिए लैब में भेजे गए हैं। प्रतिष्ठान को पाँच दिनों के भीतर सभी जरूरी अभिलेख प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
परिसर में मिली शराब, तीन गिरफ्तार
औचक निरीक्षण के दौरान एक अन्य चौंकाने वाला मामला भी सामने आया। औषधि नियंत्रक टीम को प्रतिष्ठान के भीतर भारी मात्रा में शराब की बोतलें मिलीं, जिसके बाद तुरंत पुलिस और उत्पाद विभाग को इसकी सूचना दी गई।
पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त कार्रवाई में अवैध शराब की बिक्री और भंडारण से जुड़े इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से शहर के अन्य दवा कारोबारियों में भी हड़कंप मच गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और राज्यभर में ऐसा निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।





