Patna: राज्य में बाढ़ के गंभीर प्रकोप के बीच आपदा प्रबंधन विभाग ने राहत और बचाव कार्य को पूरी तरह तेज कर दिया है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए विभिन्न जिलों में कुल 1,257 कम्युनिटी किचन का सफल संचालन किया जा रहा है। इनके माध्यम से अब तक लगभग 105.56 लाख (1.05 करोड़ से अधिक) लोगों को सुबह-शाम का भोजन कराया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, 13 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां 12,260 बाढ़ शरणार्थियों के लिए आवास, भोजन और चिकित्सा जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
राहत सामग्री और रेस्क्यू ऑपरेशन
प्रभावितों के बीच अब तक लगभग 3.82 लाख पॉलीथीन शीट, लगभग 66,400 ड्राई राशन पैकेट और करीब 1,400 फूड पैकेट का वितरण किया गया है। आबादी के सुरक्षित निष्क्रमण और सुगम आवागमन के लिए राज्यभर में 1,628 नावों का परिचालन किया जा रहा है। इसके अलावा, पशुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 12,844 क्विंटल पशुचारा भी वितरित किया जा चुका है। त्वरित राहत कार्यों को सुनिश्चित करने के लिए राज्य में SDRF की 27 और NDRF की 10 टीमों को विभिन्न संवेदनशील जिलों में तैनात किया गया है।
नदियों का जलस्तर और प्रभावित इलाके
केंद्रीय जल आयोग और मौसम विभाग के अनुसार, गंगा नदी का जलस्तर भागलपुर के सुल्तानगंज में घट रहा है, लेकिन बलतारा व कुरसेला में कोसी, खगड़िया में बूढ़ी गंडक, दीघा, गांधीघाट, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव एवं मुंगेर में गंगा, श्रीपालपुर में पुनपुन, बेनीबाद में बागमती, और दरौली व गंगपुर सिसवन में घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। रविवार की शाम वाल्मीकिनगर बराज पर गंडक और वीरपुर बराज पर कोसी का जलस्तर स्थिर पाया गया, जबकि इंद्रपुरी बराज पर सोन के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई।
राज्य के 15 जिलों—पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अरवल के 88 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत लगभग 48.70 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने के लिए पूरी मुस्तैदी से जुटा हुआ है।




