पटना: अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने के लिए राज्य सरकार की मुख्यमंत्री श्रमशक्ति योजना के तहत लगातार काम किया जा रहा है। वर्ष 2008-09 से अब तक इस योजना के तहत 5,186 युवाओं को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया गया है। इनमें से 1,191 युवाओं को रोजगार भी मिला है।
रोजगार के लिए तैयार किए जा रहे युवा
मुख्यमंत्री श्रमशक्ति योजना की शुरुआत वर्ष 2008-09 में हुई थी। इसका उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय के युवाओं को उनकी क्षमता और बाजार की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण देना है। सरकार का जोर युवाओं को केवल प्रशिक्षण देने के बजाय उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर है।
योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार के लिए तैयार किया जा रहा है। इससे युवाओं में आत्मनिर्भरता बढ़ने के साथ उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।
11 छात्रावासों में कंप्यूटर लैब
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से 11 छात्रावासों में कंप्यूटर लैब स्थापित की गई हैं। गया, किशनगंज, कटिहार, दरभंगा, खगड़िया, बेगूसराय, औरंगाबाद, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, नवादा और रोहतास के छात्रावासों में रहने वाले युवाओं को इन लैब के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
डिजिटल कौशल पर जोर
कंप्यूटर लैब में युवाओं को डिजिटल मित्र और डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशन (डीसीए) जैसे पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं को कंप्यूटर और डिजिटल कार्यों में दक्ष बनाना है, ताकि वे बदलते रोजगार बाजार में उपलब्ध अवसरों का बेहतर लाभ उठा सकें।




