Patna: बिहार के विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में मुख्य सचिवालय स्थित सभाकक्ष में ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (RIDF) के तहत संचालित और प्रस्तावित विकास परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नाबार्ड से वित्तपोषित योजनाओं की प्रगति, लंबित परियोजनाओं और आगामी वित्तीय वर्ष की प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
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बैठक के दौरान विभिन्न विभागों को निर्देश दिया गया कि लंबित परियोजनाओं की बाधाओं को जल्द दूर कर निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और सभी योजनाओं को तय समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
वित्तीय वर्ष 2025-26 की प्रगति की समीक्षा
बैठक में नाबार्ड द्वारा आरआईडीएफ के तहत स्वीकृत और वितरित राशि की विभागवार समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान कुल 1,865.82 करोड़ रुपये का वितरण किया गया। विकास आयुक्त ने संबंधित विभागों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया।
2026-27 के लिए 854 परियोजनाएं प्राथमिकता में
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य, जल संसाधन, लघु जल संसाधन, कृषि, पशुपालन सहित विभिन्न विभागों की कुल 854 परियोजनाओं को प्राथमिकता दी है। इन परियोजनाओं की अनुमानित लागत 1,931.24 करोड़ रुपये है। बैठक में इन योजनाओं को समय पर शुरू करने और प्रभावी ढंग से लागू करने पर चर्चा की गई।
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धीमी परियोजनाओं पर जताई चिंता
विकास आयुक्त ने उन परियोजनाओं पर चिंता जताई जिनकी प्रगति धीमी है या स्वीकृति मिलने के बाद भी उनका कार्य शुरू नहीं हो सका है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसी सभी परियोजनाओं में आ रही बाधाओं को जल्द दूर किया जाए, ताकि निर्माण कार्य में तेजी लाई जा सके।
समय पर भेजें पूर्णता प्रतिवेदन
बैठक में सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया कि पूरी हो चुकी पुरानी परियोजनाओं का परियोजना पूर्णता प्रतिवेदन (PCR) तीन महीने के भीतर नाबार्ड को भेजा जाए। उन्होंने कहा कि इससे वित्तीय अंतर कम होगा और नए फंड का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।
कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
विकास आयुक्त ने नाबार्ड और राज्य सरकार के विभिन्न कार्यपालक विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण बुनियादी ढांचे से जुड़ी सभी योजनाओं को तय समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाना चाहिए। बैठक में वित्त विभाग की सचिव (व्यय) रचना पाटिल, ग्रामीण विकास, कृषि, सिंचाई, पथ निर्माण, समाज कल्याण, पशु एवं मत्स्य संसाधन तथा वन विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। नाबार्ड के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया।





