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बिहार में कटावरोधी कार्यों की समीक्षा, सचिव बोले- बाढ़ सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

पटना में जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक में सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने राज्य के कटावरोधी एवं बाढ़ संघर्षात्मक कार्यों की प्रक्षेत्रवार समीक्षा करते हुए संवेदनशील स्थलों पर सतत निगरानी, पर्याप्त संसाधन और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बाढ़ संघर्षात्मक कार्य

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Patna: जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य में चल रहे कटावरोधी एवं बाढ़ संघर्षात्मक (Flood Fighting) कार्यों की प्रक्षेत्रवार समीक्षा की गई। बैठक में उन्होंने सभी मुख्य अभियंताओं को संभावित आपात स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने, तटबंधों पर आवश्यक बाढ़ संघर्ष सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने तथा जमीनी स्तर पर नियमित आकलन करते हुए किसी भी परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सचिव ने कहा कि जहां भी मुख्यालय के सहयोग की आवश्यकता होगी, वहां तत्काल समन्वय स्थापित कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

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संवेदनशील स्थलों के कार्यों की हुई समीक्षा

बैठक में मधेपुरा, भागलपुर के राघोपुर, भोजपुर के जवइनियाँ, भागलपुर के संतनगर तथा सारण के सोनपुर दियारा सहित विभिन्न संवेदनशील स्थलों पर चल रहे कटावरोधी एवं बाढ़ संघर्षात्मक कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।

भोजपुर के जवइनियां में 80 प्रतिशत कार्य पूरा

समीक्षा के दौरान भोजपुर जिले के जवइनियाँ क्षेत्र में चल रहे कार्यों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि बाढ़-2026 से पूर्व बक्सर-कोईलवर गंगा तटबंध के किलोमीटर 58.00 से 59.20 के सामने ग्राम गंगापुर, भुसौला, नन्दपुर तथा दामोदरपुर (जवइनियां) के समीप गंगा नदी के दाहिने तट पर 1,200 मीटर लंबाई में कटाव निरोधक कार्य कराया जा रहा है। बताया गया कि इस कार्य का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है। शेष कार्य प्रगति पर है और बढ़ते जलस्तर का इस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। अधिकारियों ने बताया कि कार्य 7 अगस्त तक पूरा कर लिया जाएगा।

सोनपुर दियारा में संवेदनशील हिस्से की सुरक्षा पूरी

सारण जिले के सोनपुर प्रखंड के सबलपुर-पछियारी टोला के समीप चल रहे कटाव निरोधक कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि विगत बाढ़ के दौरान यह क्षेत्र अतिआक्राम्य श्रेणी में था। यहां लगभग 2 किलोमीटर लंबाई में कटाव निरोधक कार्य कराया जा रहा है। नदी तल की सुरक्षा से संबंधित कार्य पूरी लंबाई में पूरा कर लिया गया है। नदी किनारे के संवेदनशील हिस्से की सुरक्षा का कार्य भी पूर्ण हो चुका है। शेष भाग में एहतियातन कार्य कराया गया है और वर्तमान में पूरा स्थल सुरक्षित है। सचिव ने यहां सतत चौकसी बनाए रखने और हर हाल में सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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राघोपुर में कटाव नियंत्रित, सामग्री का भंडारण

बैठक में बताया गया कि भागलपुर जिले के खरीक प्रखंड अंतर्गत काजीकोरैया-राघोपुर के समीप गंगा नदी से हुए कटाव को नियंत्रित करने के लिए संबंधित अधिकारियों ने कैंप कर दिन-रात बाढ़ संघर्षात्मक कार्य कराया, जिससे कटाव पर नियंत्रण पा लिया गया है। कार्य को और मजबूत बनाने के लिए स्थल पर 110 मीटर लंबाई में पर्याप्त मात्रा में बालू भरे बोरे, जियोबैग सहित अन्य बाढ़ संघर्ष सामग्री का भंडारण किया गया है। सचिव ने यहां भी लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए।

मधेपुरा में युद्धस्तर पर जारी है कार्य

समीक्षा के दौरान बताया गया कि मधेपुरा जिले के आलमनगर प्रखंड अंतर्गत गंगापुर पंचायत के लुटनाटोला एवं हरजोरा नदी तट से लगभग 500 मीटर दूरी पर कोसी नदी के बाएं तट पर हुए क्षरण की सूचना के बाद युद्धस्तर पर बाढ़ संघर्षात्मक कार्य कराया जा रहा है। स्थल पर 10 हजार से अधिक बालू भरे बोरे, आवश्यक संख्या में नायलॉन क्रेट, बीए वायर क्रेट और बांस का भंडारण किया गया है। पर्याप्त मानवबल और मशीनरी की मदद से कार्य लगातार जारी है तथा स्थिति पर 24×7 निगरानी रखी जा रही है।

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संतनगर में फिलहाल कटाव का खतरा नहीं

भागलपुर के संतनगर गांव से संबंधित बाढ़ संघर्षात्मक कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि गांव की बसावट गंगा नदी से लगभग 100 मीटर दूरी पर स्थित है और फिलहाल वहां कटाव की कोई समस्या नहीं है। हालांकि जलस्तर में उतार-चढ़ाव के कारण कुछ स्थानों पर Natural Surface Level (NSL) का आंशिक Wave Wash (क्षरण) हुआ है। सचिव ने निर्देश दिया कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा आपात स्थिति बनने पर तत्काल बाढ़ संघर्षात्मक कार्य शुरू कर क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

अधिकारियों को दिए सतर्क रहने के निर्देश

बैठक के अंत में सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि संवेदनशील स्थलों का नियमित निरीक्षण जारी रखें, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें और किसी भी संभावित स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूरी तैयारी बनाए रखें।

उन्होंने कहा कि बाढ़ अवधि में लोगों की सुरक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

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