Ceuta, Spain: अफ्रीकी देश मोरक्को से स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी क्षेत्र सेउटा में अवैध घुसपैठ की घटनाएं बढ़ने के बाद एक बार फिर प्रवासन संकट गहराता नजर आ रहा है। पिछले कुछ दिनों में हजारों प्रवासियों ने समुद्र और भूमि मार्ग से सेउटा पहुंचने की कोशिश की है। हालात को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने स्पेन की केंद्र सरकार से अतिरिक्त सुरक्षा बलों और आपात कदम उठाने की मांग की है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बड़ी संख्या में लोग तैरकर, हवा भरे ट्यूब और अन्य तैरने वाले उपकरणों की मदद से समुद्र पार कर सेउटा पहुंचे। इनमें अधिकांश युवा पुरुष हैं, हालांकि महिलाओं और बच्चों वाले परिवार भी शामिल हैं। सीमा पार करने की कोशिश के दौरान कई लोगों की मौत की खबरें भी सामने आई हैं।
स्थानीय प्रशासन ने जताई चिंता
सेउटा के क्षेत्रीय प्रमुख जुआन जीसस विवास ने कहा कि प्रवासियों की लगातार बढ़ती संख्या से स्थानीय संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा है। स्थिति को देखते हुए स्पेन सरकार ने सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज और गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांडे मार्लास्का के सेउटा दौरे की भी घोषणा की गई है।
मानव तस्करी गिरोहों पर बढ़ी नजर
स्पेन के गृह मंत्रालय के अनुसार, मानव तस्करी से जुड़े गिरोह मौजूदा कानूनी परिस्थितियों का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। हाल ही में आए एक न्यायिक फैसले के बाद समुद्र के रास्ते सेउटा पहुंचने वाले लोगों को तुरंत मोरक्को वापस भेजना पहले की तुलना में आसान नहीं रह गया है। मंत्रालय का कहना है कि इसी स्थिति का फायदा उठाकर तस्कर लोगों को यूरोपीय सीमा तक पहुंचने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
स्पेन और मोरक्को बढ़ाएंगे सहयोग
स्पेन और मोरक्को ने इस संकट से निपटने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। इसके तहत अवैध रूप से पहुंचे लोगों की वापसी और सीमा निगरानी को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। इस बीच, इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने भी सेउटा की स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि अनियंत्रित अवैध प्रवासन यूरोप की सीमा सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है और इससे निपटने के लिए यूरोपीय देशों को सख्त कदम उठाने चाहिए।
पहले भी सामने आ चुका है संकट
सेउटा और मेलिला अफ्रीकी महाद्वीप में स्थित स्पेन के दो क्षेत्र हैं, जो यूरोपीय संघ और अफ्रीका के बीच एकमात्र भूमि सीमा बनाते हैं। वर्ष 2021 में भी सेउटा में बड़ा प्रवासन संकट देखने को मिला था, जब कुछ ही दिनों में हजारों लोगों ने सीमा पार करने की कोशिश की थी। मौजूदा हालात के बाद यूरोप में अवैध प्रवासन और सीमा सुरक्षा को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है।




