रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक (पीटी) परीक्षा परिणाम में कथित धांधली और अनियमितताओं की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की टीम ने गुरुवार को एक और बड़ी कार्रवाई की है। सीआईडी की टीम जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्य सचिव रह चुके एल खियांग्ते के आवास पर पहुंची और उनके परिसर की सघन तलाशी ली। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा के परिणाम में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप अभ्यर्थियों द्वारा लगाए जाने के बाद राज्य सरकार ने इस मामले की निष्पक्ष जांच का जिम्मा सीआईडी को सौंपा था। जांच एजेंसी अब तक इस सिलसिले में कई ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है, जहां से महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य, पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क और फर्जीवाड़े से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए हैं। सीआईडी की इस जांच में पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष के आवास तक पहुंचना एक बेहद अहम मोड़ माना जा रहा है।
इस बड़े परीक्षा घोटाले में सीआईडी अब तक पांच मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। गिरफ्तार लोगों में जेपीएससी की तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक (डिप्टी कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन) श्वेता कुमारी गुप्ता और डेटा प्रोसेसिंग का काम देखने वाली एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक रामवीर सिंह सहित उनके तीन कर्मचारी (प्रशांत कुमार, अभिषेक कुमार और अजय कुमार) शामिल हैं। जब्त किए गए सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फिलहाल फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
सीआईडी द्वारा की जा रही लगातार गिरफ्तारियों और सख्त रुख को देखते हुए जेपीएससी ने 22 जुलाई को आगामी 25 जुलाई से प्रस्तावित मुख्य परीक्षा (Mains) सहित अन्य सभी परीक्षाओं को स्थगित करने का फैसला लिया था। परीक्षा रद्द करने और धांधली के विरोध में भारतीय जनता युवा मोर्चा और अभ्यर्थियों ने जेपीएससी मुख्यालय का घेराव भी किया था। पूर्व चेयरमैन के आवास पर हुई इस ताजा कार्रवाई से संकेत मिलते हैं कि जांच एजेंसी घोटाले की हर परत को खोलने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।



