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DTO के जांच दल का डॉन बॉस्को स्कूल के सामने घेराव: रॉन्ग साइड चलाने वालों पर भी गिरी गाज, ₹60 हजार का भारी जुर्माना वसूला

गुमला: जिले में लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को खतरे को देखते हुए, जिला प्रशासन ने नियमों के उल्लंघन पर शिकंजा कस दिया है। आज, मंगलवार 09 दिसंबर 2025 को जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) ज्ञान शंकर जायसवाल के सख्त निर्देशानुसार, मोटरयान

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गुमला: जिले में लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और स्कूली बच्चों की सुरक्षा को खतरे को देखते हुए, जिला प्रशासन ने नियमों के उल्लंघन पर शिकंजा कस दिया है। आज, मंगलवार 09 दिसंबर 2025 को जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) ज्ञान शंकर जायसवाल के सख्त निर्देशानुसार, मोटरयान निरीक्षक (MVI) रॉबिन अजय सिंह और प्रदीप कुमार तिर्की की टीम ने डॉन बॉस्को स्कूल के सामने मुख्य सड़क पर एक आकस्मिक और सघन जाँच अभियान चलाकर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों में हड़कंप मचा दिया।

अभियान का लक्ष्य और आकस्मिक कार्रवाई
इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन लापरवाह चालकों पर लगाम कसना था जो मामूली कागजात या नियमों की अनदेखी कर सड़क को जोखिम में डाल रहे थे। DTO की टीम के अचानक सड़क पर आने से वाहन चालकों में भगदड़ मच गई। इस औचक जाँच में नियम तोड़ने वाले 30 से अधिक लोगों को तत्काल पकड़ा गया और उनसे कुल ₹59,950 (लगभग साठ हजार रुपए) का भारी जुर्माना वसूला गया।

जाँच का दायरा केवल कागजात तक सीमित नहीं रहा, बल्कि हर उस उल्लंघन पर कार्रवाई की गई जो दुर्घटना का कारण बन सकता है।

सामने आए प्रमुख और खतरनाक उल्लंघन
जाँच अभियान के दौरान यातायात नियमों की अनदेखी के कई गंभीर मामले सामने आए, जिन पर कड़ी कार्रवाई की गई:

हेलमेट और ट्रिपल राइडिंग: दोपहिया वाहन चालकों में बिना हेलमेट के गाड़ी चलाने की प्रवृत्ति सबसे अधिक देखी गई। साथ ही, ‘ट्रिपल राइडिंग’ (एक बाइक पर तीन लोगों का सवार होना) के कारण भी कई चालान काटे गए।

कागजात की कमी: टेंपो, बस और निजी वाहनों के चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्योरेंस, परमिट, और प्रदूषण नियंत्रण (PUC) सर्टिफिकेट जैसे आवश्यक दस्तावेज अमान्य पाए गए या वे बिल्कुल ही नदारद थे।

खतरनाक ड्राइविंग: शहर के मुख्य मार्ग पर रॉन्ग साइड ड्राइविंग (गलत दिशा में वाहन चलाना) कर रहे चालकों को रोककर न सिर्फ जुर्माना लगाया गया, बल्कि उन्हें सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया गया।

अवैध मॉडिफिकेशन और लाइट: वाहनों में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते हुए अतिरिक्त लाइटें (Extra Light) लगी मिलीं, साथ ही प्रेशर हॉर्न और मल्टी-टोन हॉर्न का अनाधिकृत उपयोग पाया गया, जो ध्वनि प्रदूषण का एक प्रमुख कारण है।

मालवाहकों में ओवरलोडिंग: टेंपो और पिकअप वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक सामान लादकर सड़क को जोखिम में डालने वालों पर भी भारी जुर्माना लगाया गया।

DTO टीम का दोहरी रणनीति: जुर्माना और जागरूकता
मोटरयान निरीक्षकों ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का लक्ष्य सिर्फ राजस्व वसूली नहीं है, बल्कि जीवन रक्षा है। जुर्माना लगाने के साथ ही पकड़े गए चालकों को सड़क सुरक्षा के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया गया। चालकों को लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाओं के गंभीर परिणामों के प्रति सचेत किया गया और भविष्य में अनिवार्य रूप से नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई।

अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यह सघन जाँच अभियान बिना किसी पूर्व सूचना के जिले भर में जारी रहेगा। जो भी व्यक्ति सड़क सुरक्षा मानकों की अनदेखी करेगा, उसके खिलाफ और भी सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। यह पहल गुमला जिले में सुरक्षित और अनुशासित सड़क परिवहन व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

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