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समाहरणालय में पेंशन दरबार-सह-सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह, उपायुक्त ने 7 शिक्षकों को किया सम्मानित

Ranchi News : जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय ब्लॉक-ए के कॉन्फ्रेंस कक्ष में पेंशन दरबार-सह-सेवा निवृत्ति विदाई एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर रांची जिले के कुल 7 सेवानिवृत्त शिक्षकों को मोमेंटो और

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Ranchi News : जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय ब्लॉक-ए के कॉन्फ्रेंस कक्ष में पेंशन दरबार-सह-सेवा निवृत्ति विदाई एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर रांची जिले के कुल 7 सेवानिवृत्त शिक्षकों को मोमेंटो और शाल ओढ़ाकर गरिमामय तरीके से सम्मानित किया गया।

इस आयोजन की विशेष बात यह रही कि सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों को सेवानिवृत्ति के ही दिन उनके सभी रिटायरमेंट लाभ प्रदान किए गए, जो कि प्रशासन की तत्परता और समर्पण का प्रतीक है।

जिन शिक्षकों को किया गया सम्मानित

  • शबनम सबा, सामाजिक विज्ञान की स्नातक प्रशिक्षित शिक्षिका, पीएम श्री राजकीय मध्य विद्यालय, बरियातू।
  • इंदु कुजूर, शिक्षिका, रा.प्रा.वि. हुडिंगदाग, नामकुम।
  • सुकरा उरांव, शिक्षक, रा.म.वि. गुडूबाजपुर, रातू।
  • आभा मिंज, शिक्षिका, रा.म.वि. राजाडेरा, अनगड़ा।
  • शकील अहमद, शिक्षक, रा.म.वि. मन्दरो, ओरमांझी।
  • विजय कुमार एक्का, सहायक शिक्षक, फातिमा बाल मध्य विद्यालय, हुलहुंडू।
  • अनिल कुमार लाल, प्रधानाध्यापक, क्षितीश मूक बधिर मध्य विद्यालय, निवारणपुर, डोरंडा।

उपायुक्त ने दीं शुभकामनाएं और दिए प्रेरक संदेश
इस अवसर पर उपायुक्त श्री भजन्त्री ने सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों को शिक्षा विभाग एवं जिला प्रशासन की ओर से ढेर सारी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “सेवानिवृत्ति कोई अंत नहीं, बल्कि जीवन की एक नई पारी की शुरुआत है। हम उम्मीद करते हैं कि आप सभी समाज और शिक्षा क्षेत्र में अपने अनुभव का योगदान आगे भी देंगे।”

उन्होंने यह भी आग्रह किया कि सभी सेवानिवृत्त शिक्षक अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें, नियमित व्यायाम करें और स्वयं को रचनात्मक कार्यों में व्यस्त रखें। साथ ही उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे अपने निवास स्थान के आस-पास के स्कूलों में समय-समय पर जाकर छात्रों को मार्गदर्शन दें और जन चेतना केंद्रों के माध्यम से अशिक्षितों को पढ़ाने में योगदान दें।

विशेष जरूरत वाले बच्चों को पढ़ाने की अपील
उपायुक्त ने शिक्षकों से यह भी अनुरोध किया कि वे अपने आस-पास रहने वाले ऐसे बच्चों की मदद करें, जिन्हें विशेष शिक्षा की जरूरत है और उन्हें अंग्रेज़ी, गणित, विज्ञान तथा सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों में मदद करें। उन्होंने कहा कि यह शिक्षकों का सामाजिक दायित्व है और इससे समाज में बड़ा बदलाव संभव है।

सेवानिवृत्त शिक्षकों का अनुभव बने दूसरों के लिए प्रेरणा
उपायुक्त ने सेवा निवृत्त हो रहे शिक्षकों से व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से जुड़े रहने की अपील की, ताकि उनके अनुभव को आने वाली पीढ़ी के शिक्षकों और छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की जीवन भर की सेवा से अर्जित ज्ञान और अनुभव समाज में नई दिशा देने का कार्य कर सकता है।

जिला शिक्षा अधीक्षक के प्रयास की सराहना
इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए उपायुक्त ने जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज और उनकी पूरी टीम को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन से शिक्षकों का मनोबल बढ़ता है और यह एक आदर्श परंपरा के रूप में स्थापित हो सकती है। अंत में, उपायुक्त ने भगवान से प्रार्थना करते हुए कहा, “ईश्वर आप सभी को दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें। आप जीवन की अगली पारी में नई उपलब्धियों की ओर बढ़ें।”

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