Chatra : सदर अस्पताल में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों का सात माह से मानदेय नहीं मिलने के कारण उनका सब्र जवाब देने लगा है। बुधवार को एक बार फिर कर्मियों ने सिविल सर्जन से मुलाकात कर बकाया मानदेय का जल्द भुगतान कराने की मांग की।
अस्पताल में करीब 60 आउटसोर्सिंग कर्मी विभिन्न विभागों में प्रतिदिन 8 घंटे की ड्यूटी निभा रहे हैं, लेकिन सात माह से वेतन नहीं मिलने के कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कई कर्मियों ने बताया कि बच्चों की स्कूल फीस जमा नहीं हो पा रही है, घर का राशन उधार में चल रहा है और अब दुकानदार भी उधार देने से इनकार करने लगे हैं। हालात ऐसे हैं कि कई परिवारों के सामने दो वक्त की रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है।
क्या कहते हैं आउटसोर्सिंग कर्मी
कर्मियों का कहना है कि उपायुक्त ने एक सप्ताह के भीतर बकाया मानदेय का भुगतान सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक इसका पालन नहीं हुआ। आरोप है कि सदर अस्पताल से भुगतान संबंधी फाइल “Absenti पर Discuss” लिखकर वापस लौटा दी गई, जिससे कर्मियों में भ्रम और नाराजगी दोनों बढ़ गई है।
कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मानदेय का भुगतान नहीं हुआ तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को विवश होंगे। उनका कहना है कि नियमित रूप से सेवा देने के बावजूद महीनों तक वेतन से वंचित रखना उनके और उनके परिवार के साथ अन्याय है। अस्पताल प्रबंधन से जल्द समाधान की मांग की गई है।
क्या कहते हैं सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ सत्येंद्र कुमार सिन्हा ने कहा कि अपसेंटी ट्रेजरी को भेजा गया था, चुकि उपाधीक्षक बदल गए हैं, ऐसे में सिग्नेचर ट्रेजरी में चेंज हो जाने के बाद मानदेय का भुगतान हो जाएगा। जल्द ही सिग्नेचर चेंज हो जाएगा और एक सप्ताह के अंदर भुगतान होने की बात उन्होंने कहा।





