भुवनेश्वर। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST), भारत सरकार के तहत संचालित नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन (NIF) के भुवनेश्वर कार्यालय में मंगलवार को इंस्पायर-मानक योजना को लेकर राज्य नोडल अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में देश के 32 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान स्कूल स्तर पर बच्चों में नवाचार और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई।
बैठक में एनआईएफ के निदेशक डॉ. अरविंद सी. रानाडे ने योजना के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने सत्र 2026-27 के लिए 15 सितंबर तक सभी स्कूलों से अधिक से अधिक नॉमिनेशन कराने की अपील की। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 11 लाख आइडिया प्राप्त हुए थे और इस वर्ष इसे बढ़ाकर 25 लाख करने का लक्ष्य रखा गया है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के कैपेसिटी बिल्डिंग डिवीजन के प्रमुख डॉ. उमेश शर्मा ने कहा कि युवा शक्ति को सही दिशा देकर देश में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
इंस्पायर-मानक के समन्वयक देवेंद्र तिवारी ने योजना की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 12वीं राष्ट्रीय इंस्पायर अवॉर्ड प्रतियोगिता अक्टूबर में नई दिल्ली में आयोजित की जाएगी। इस प्रतियोगिता के माध्यम से चयनित 60 नन्हें वैज्ञानिकों को जापान जाने का अवसर मिलेगा।
झारखंड में नॉमिनेशन बढ़ाने पर जोर
बैठक में झारखंड का प्रतिनिधित्व सहायक राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. शाहनवाज कुरैशी ने किया। राज्य नोडल अधिकारी सह क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक नीलम आईलीन टोप्पो ने 15 सितंबर तक नॉमिनेशन प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। इस संबंध में राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला शिक्षा अधीक्षकों को पत्र भेजा गया है।
वर्ष 2025-26 में झारखंड से 45,336 नॉमिनेशन हुए थे और राज्य देश में 10वें स्थान पर रहा था। इसमें 10,886 स्कूलों ने भाग लिया था। हालांकि, इस वर्ष अब तक केवल 4,204 नॉमिनेशन हुए हैं। अधिकारियों ने सीबीएसई, नवोदय विद्यालय और केंद्रीय विद्यालयों से भी सक्रिय भागीदारी की अपील की है।
कार्यक्रम में एनआईएफ भुवनेश्वर कार्यालय प्रमुख डॉ. विवेक कुमार, डॉ. संदीप बंसल, डॉ. नीतिन मौर्या, डॉ. राहुल प्रकाश सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।




