Jamshedpur : लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और चांडिल डैम समेत ओडिशा क्षेत्र के जलाशयों से छोड़े जा रहे पानी के कारण जमशेदपुर में स्वर्णरेखा और खरकई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर पहुंच गया। बुधवार को दोनों नदियों के जलस्तर में कुछ कमी दर्ज की गई, लेकिन बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है। इस बीच कदमा के शास्त्रीनगर ब्लॉक नंबर दो निवासी 28 वर्षीय टीपू खान के तेज पानी के बहाव में बह जाने की सूचना से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना के बाद एनडीआरएफ की करीब 30 सदस्यीय टीम ने प्रभावित इलाकों में मोर्चा संभालते हुए राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया।
जानकारी के अनुसार टीपू खान अपने घर को बंद कर सुरक्षित स्थान की ओर जाने की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान वह अचानक तेज पानी के बहाव की चपेट में आ गया और बह गया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग और परिजन उसकी तलाश में जुट गए। करीब एक घंटे तक युवक का कोई सुराग नहीं मिलने के बाद प्रशासन को सूचना दी गई। इसके बाद बचाव दल ने भी उसकी तलाश शुरू कर दी।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम कदमा समेत अन्य प्रभावित क्षेत्रों में पहुंची और फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर निकालने का काम शुरू किया। प्रशासन की ओर से नदी और डूब क्षेत्र के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने तथा खतरा होने पर तत्काल सुरक्षित ऊंचे स्थानों या चिन्हित आश्रय स्थलों में जाने की अपील की गई है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष की बुधवार सुबह 10 बजे की रिपोर्ट के अनुसार खरकई नदी आदित्यपुर पुल के पास 135.70 मीटर तक पहुंचने के बाद अब घटने लगी है, लेकिन यह अभी भी खतरे के निशान 129 मीटर से 6.70 मीटर ऊपर है। वहीं मानगो पुल के पास स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर 123.98 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 121.50 मीटर से 2.48 मीटर अधिक है। जलस्तर में गिरावट के बावजूद दोनों नदियों के आसपास के इलाकों में खतरा बना हुआ है।
बागबेड़ा, भुइयांडीह, शास्त्रीनगर, भाटिया बस्ती, मानगो और बारीडीह समेत कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है। बागबेड़ा न्यू बस्ती में 350 से अधिक घरों के प्रभावित होने की सूचना है। कई स्थानों पर चार से पांच फीट तक पानी जमा हो गया। चांडिल डैम के 13 गेट खोले गए हैं और करीब 762.38 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे नदी तटवर्ती क्षेत्रों में प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।
जलजमाव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने के लिए जिला प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन के निर्देश पर जुस्को के सहयोग से शास्त्रीनगर, रामजनमनगर, बागबेड़ा समेत अन्य प्रभावित इलाकों में मोटर पंप लगाकर जल निकासी कराई जा रही है। नगर निकायों को जरूरत के अनुसार अतिरिक्त मोटर पंप, मशीनरी और अन्य संसाधन उपलब्ध कराने तथा प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया गया है।
पानी निकलने के बाद प्रभावित इलाकों में युद्धस्तर पर सफाई कराने, सड़कों और गलियों से गंदगी हटाने, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव और फॉगिंग कराने का निर्देश भी दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने तथा आवश्यकता के अनुसार स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति, जुगसलाई नगर परिषद और मानगो नगर निगम को चिन्हित आश्रय स्थलों में भोजन, पेयजल, प्राथमिक उपचार, रोशनी और स्वच्छता की व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने लोगों से नदी, नाले और जलजमाव वाले क्षेत्रों के पास अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है। जलस्तर में अचानक उतार-चढ़ाव की आशंका को देखते हुए लोगों को किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा गया है। साथ ही नागरिकों से अफवाहों से बचने और केवल प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है।




