Patna: बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व विभाग ने राज्यभर में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के खिलाफ सख्त कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग की टीमों ने पिछले कुछ दिनों में किशनगंज, बांका, कटिहार, गया, नालंदा और पूर्वी चंपारण जिलों में सघन छापेमारी कर पीला बालू, पत्थर और स्टोन चिप्स लदे कई ट्रैक्टर-ट्रक जब्त किए हैं तथा मौके से कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
1000 माइनिंग सिपाहियों की विशेष टीम होगी तैनात

खनन क्षेत्रों और संवेदनशील मार्गों की निगरानी को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए 1,000 माइनिंग सिपाहियों (Mining Constables) की विशेष टीम गठित करने का निर्णय लिया गया है। विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि वर्तमान में छापेमारी के दौरान स्थानीय पुलिस बल का सहयोग लिया जाता है, लेकिन विशेष माइनिंग सिपाहियों की तैनाती के बाद चेक पोस्टों और खनिज मार्गों पर अवैध बालू व पत्थर के परिवहन पर 24 घंटे कड़ी निगरानी रखी जा सकेगी।
इधर, केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्रालय की कार्यशाला में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि राज्य की खनिज संपदा से प्राप्त होने वाली रॉयल्टी का उपयोग जनहित और बिहार के विकास कार्यों में किया जाएगा।
बिहार खनिज नियमावली 2026: 5 लाख तक का जुर्माना

अवैध नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए राज्य सरकार ने ‘बिहार खनिज नियमावली 2026’ प्रभावी कर दी है:
भारी जुर्माना: अवैध खनन में लिप्त पाए जाने पर खनन माफियाओं पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है।
जीपीएस से छेड़छाड़ पर कार्रवाई: खनिज ढोने वाले वाहनों में लगे जीपीएस को बंद करने या उससे छेड़छाड़ करने पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगेगा।
खुले में खनिज परिवहन पर रोक: खनिजों को ढककर ले जाना अनिवार्य है; ऐसा न करने पर ट्रैक्टर पर 5 हजार और भारी वाहनों पर 25 हजार रुपये का जुर्माना तय किया गया है।
ISTP अनिवार्य: 10 जून 2026 से दूसरे राज्यों से लघु खनिज लेकर आने वाले वाहनों के लिए इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (ISTP) अनिवार्य कर दिया गया है।
छापेमारी और राजस्व वसूली के आंकड़ों में बढ़ोतरी

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 16,401 छापेमारियां कर 198 लोगों को गिरफ्तार किया गया था और 2,058 वाहन जब्त कर 31.24 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया गया था।
वहीं, चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 16,861 छापेमारी की जा चुकी है, जिसमें 278 आरोपियों की गिरफ्तारी और 2,497 वाहनों की जब्ती के साथ 32.64 करोड़ रुपये का राजस्व वसूला गया है।




