रातू पुलिस ने पुलिस ने रातू थाना क्षेत्र से 570 बोतल प्रतिबंधित कोडीनयुक्त कफ सिरप के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है।
मुख्य विवरण:
- बरामदगी: 100 एमएल की 570 बोतलें (5 कार्टन) प्रतिबंधित कफ सिरप और 3 मोबाइल फोन।
- स्थान: रातू थाना क्षेत्र के फुटकलटोली बोसनगर में एक अस्पताल के पास सुनसान जगह।
- गिरफ्तार आरोपी: वहाजुल अंसारी (लातेहार), शहनवाज अंसारी (रातू, सिमरिया) और नईम अंसारी (फुटकलटोली/खूंटी)।
- कार्रवाई: पुलिस ने मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को होटवार जेल भेज दिया है और अन्य तस्करों की तलाश जारी है।
🔎 गिरफ्तारी और छापेमारी की पूरी कहानी
- गुप्त सूचना पर कार्रवाई: पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि रातू थाना क्षेत्र के फुटकलटोली बोसनगर में एक अस्पताल के पास सुनसान जगह पर प्रतिबंधित कफ सिरप की एक बड़ी खेप छिपाकर रखी गई है, जिसे बेचने की तैयारी चल रही है।
- पुलिस की छापेमारी: इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए डीएसपी मुख्यालय-2 अजय आर्यन के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर छापेमारी की और घेराबंदी करके मौके से तीन तस्करों को रंगे हाथों दबोच लिया गया।
- बरामद सामान: पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 100-100 एमएल की कुल 570 बोतलें (जो 5 कार्टन में पैक थीं) प्रतिबंधित कोडीनयुक्त कफ सिरप और तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे 3 मोबाइल फोन बरामद किए।
👤 गिरफ्तार आरोपियों की पूरी प्रोफाइल
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं और रांची को अपना गढ़ बनाकर अवैध धंधा चला रहे थे:
- वहाजुल अंसारी: यह मूल रूप से लातेहार जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र के जिपुवा मुरपा गांव का रहने वाला है।
- शहनवाज अंसारी: यह रातू थाना क्षेत्र के ही सिमलिया हाजी चौक का निवासी है।
- नईम अंसारी: यह वर्तमान में फुटकलटोली में रह रहा था, लेकिन मूल रूप से खूंटी जिले के मेलाटांड गांव का रहने वाला है।
⚠️ पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
- सिंडिकेट का संचालन: पुलिसिया पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे बाहरी राज्यों/इलाकों से अवैध रूप से यह प्रतिबंधित कफ सिरप मंगाते थे।
- महंगे दामों पर बिक्री: इस नशीले सिरप को रांची के अलग-अलग इलाकों में, विशेषकर युवाओं और छात्रों के बीच ऊंची और मनमानी कीमतों पर नशे के लिए बेचा जाता था।
⚖️ पुलिस की कानूनी कार्रवाई
- केस दर्ज: इस मामले को लेकर रातू थाने में कांड संख्या 279/26 के तहत एनडीपीएस (NDPS) एक्ट और अन्य संबंधित कानूनी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
- जेल भेजा गया: कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों गिरफ्तार तस्करों को न्यायिक हिरासत में होटवार (बिरसा मुंडा) केंद्रीय कारागार भेज दिया गया है।
- आगे की जांच: डीएसपी अजय आर्यन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस रैकेट के मुख्य सप्लायरों और नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों को पकड़ने के लिए पुलिस की छापेमारी अभी भी जारी है।




