सावन के चौथे सोमवार को हजारों श्रद्धालुओं ने किया बाबा टांगीनाथ का जलाभिषेक
सावन के चौथे सोमवार को ऐतिहासिक टांगीनाथ धाम में भारी बारिश के बीच आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। तड़के सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश भी शिवभक्तों के उत्साह को कम नहीं कर सकी। सुबह से ही श्रद्धालु गंगाजल, बेलपत्र, दूध और पूजन सामग्री लेकर बाबा टांगीनाथ के दर्शन व जलाभिषेक के लिए कतार में खड़े नजर आए। मंदिर परिसर हर-हर महादेव, जय बाबा टांगीनाथ और बोल बम के जयघोष से गूंजता रहा।
टांगीनाथ धाम में झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार और पश्चिम बंगाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने बाबा टांगीनाथ का विधि-विधान से जलाभिषेक कर परिवार की सुख-शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की। कई श्रद्धालुओं ने अच्छी बारिश और बेहतर फसल के लिए भी बाबा से प्रार्थना की।
धाम परिसर में स्थित प्राचीन त्रिशूल श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहा। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु त्रिशूल के दर्शन और आशीर्वाद के लिए पहुंचते रहे। मान्यता है कि टांगीनाथ धाम का संबंध भगवान परशुराम से रहा है, जिसके कारण इस धार्मिक स्थल का विशेष महत्व माना जाता है।
श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर विकास समिति और प्रशासन की ओर से सुरक्षा एवं सुविधा के इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग कर अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई। पुलिस बल की तैनाती के साथ प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। वहीं, स्थानीय सेवा समितियों ने बारिश के बीच श्रद्धालुओं के लिए शेड और जलपान की व्यवस्था की।
भारी बारिश के बावजूद भक्तों की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा था। पूरे धाम में सुबह से ही भक्ति का माहौल बना रहा और श्रद्धालु बारिश के बीच भी बाबा टांगीनाथ के दर्शन के लिए डटे रहे।




