Patna: मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत मिलने वाली 10 हजार रुपये की सहायता जीविका दीदियों के लिए रोजगार की नई राह खोल रही है। पटना के बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम में महिलाओं ने बताया कि जीविका और जीविकोपार्जन योजना से जुड़ने के बाद उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में बदलाव आया है। अब मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की सहायता राशि से वे गांव में ही अपना कारोबार शुरू करने की तैयारी में हैं।
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जमालुद्दीनचक निवासी रेखा देवी ने बताया कि शादी के बाद करीब 10 साल तक वह घर से बाहर नहीं निकल सकीं। उनके पति आसपास के गांवों में छोटे-मोटे काम करके परिवार का खर्च चलाते थे। जीविकोपार्जन योजना से जुड़ने के बाद उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया। अब मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से मिलने वाली राशि से वह गांव में फोटो कॉपी की दुकान शुरू करना चाहती हैं।
जीविका से जुड़कर परिवार की स्थिति में हुआ सुधार
नौबतपुर की अनीता देवी ने बताया कि जीविका से जुड़ने के बाद उनके साथ-साथ परिवार को भी इसका लाभ मिला। जीविकोपार्जन योजना के तहत मिली सहायता से आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से निपटने में मदद मिली। अब वह मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत मिलने वाली राशि से गांव में ही छोटा रोजगार शुरू करना चाहती हैं। उनका कहना है कि इससे परिवार की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
7 साल से जीविका से जुड़ीं देवंती, अब सिलाई का काम शुरू करने की तैयारी
नौबतपुर की देवंती देवी पिछले सात साल से जीविका से जुड़ी हैं। उन्होंने बताया कि जीविका से जुड़ने से पहले उनके परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब थी। जीविका से मिली शिक्षा और आर्थिक सहयोग से परिवार की स्थिति में बदलाव आया और वह अपने बच्चों की पढ़ाई भी बेहतर तरीके से करा पा रही हैं। देवंती देवी मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से मिलने वाली 10 हजार रुपये की सहायता से सिलाई मशीन खरीदना चाहती हैं। उनका लक्ष्य स्कूल यूनिफॉर्म सिलने का काम शुरू करना है। उन्होंने कहा कि योजना से महिलाओं को नौकरी के साथ-साथ स्वरोजगार शुरू करने का अवसर भी मिलेगा।
चार लाख दीदियों के खातों में पहुंचेगी 10 हजार की सहायता
गुरुवार को राजधानी के गांधी मैदान स्थित बापू सभागार में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत सातवें चरण में चार लाख जीविका दीदियों के खातों में 10-10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भेजी जाएगी। इसके अलावा एक लाख दीदियों के खातों में 20-20 हजार रुपये दूसरी किस्त के रूप में भेजे जाने की बात कही गई है। जीविका निधि से 10 हजार दीदियों को कुल 50 करोड़ रुपये का ऋण भी दिया गया है। सरकार के अनुसार, जीविका से जुड़ी महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं और कई महिलाएं अपने कारोबार के जरिए लखपति बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
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जीविका के उत्पादों के लिए बनेंगे आधुनिक बाजार
ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार की ओर से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इसी का परिणाम है कि बड़ी संख्या में महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं। मंत्री ने बताया कि बिहार देश का पहला राज्य है, जहां सतत जीविकोपार्जन योजना लागू की गई। ताड़ी और शराब के कारोबार पर निर्भर 2 लाख 1 हजार परिवारों को चिन्हित कर योजना के तहत आर्थिक सहायता दी गई और उन्हें वैकल्पिक रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया गया।
उन्होंने कहा कि जीविका दीदियों के उत्पादों को उचित बाजार और उनके हुनर को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए सरकार काम कर रही है। इसके तहत पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर आधुनिक बाजार-हाट विकसित किए जाएंगे। इन बाजारों को तकनीकी रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की योजना है, ताकि बिहार की जीविका दीदियों के उत्पाद देश-विदेश के लोगों तक पहुंच सकें।





