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बाईडीह गांव में अंधविश्वास के खिलाफ आवाज़, नुक्कड़ सभा से बदली सोच

Chakradharpur: पश्चिमी सिंहभूम जिला में समाज में अंधविश्वास, डायन-प्रथा और आंतरिक कुरीतियों को समाप्त करने के उद्देश्य से सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम के तहत आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा, नेशनल आदिवासी रिवाईवल एसोसिएशन और सिंगी एंड सिंगी सोसाइटी के प्रतिनिधियों द्वारा चक्रधरपुर के चंद्री पंचायत के

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Chakradharpur: पश्चिमी सिंहभूम जिला में समाज में अंधविश्वास, डायन-प्रथा और आंतरिक कुरीतियों को समाप्त करने के उद्देश्य से सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम के तहत आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा, नेशनल आदिवासी रिवाईवल एसोसिएशन और सिंगी एंड सिंगी सोसाइटी के प्रतिनिधियों द्वारा चक्रधरपुर के चंद्री पंचायत के बाईडीह गांव में नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया।

नुक्कड़ सभा के दौरान ग्रामीणों को डायन-प्रथा, सामाजिक बुराइयों, कुरीतियों और अफवाहों के कारण हो रही आपराधिक घटनाओं की जानकारी दी गई। इन कुरीतियों से होने वाले सामाजिक, पारिवारिक और कानूनी नुकसान के बारे में लोगों को सचेत किया गया। साथ ही हिंसक घटनाओं की रोकथाम और कानूनी जागरूकता के उद्देश्य से नेशनल आदिवासी रिवाईवल एसोसिएशन और सिंगी एंड सिंगी सोसाइटी की ओर से जागरूकता संबंधी हैंडविल भी बांटे गए।

इस अवसर पर आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा के राष्ट्रीय महासचिव गब्बरसिंह हेम्ब्रम ने कहा कि अधिकांश आदिवासी गांव आज भी डायन-प्रथा, सामाजिक बुराइयों और आंतरिक कुरीतियों की चपेट में हैं। इससे आपसी ईर्ष्या, द्वेष, पारिवारिक विवाद, मारपीट और कानूनी झंझट बढ़ रहे हैं। उन्होंने समाज को इन समस्याओं से बाहर निकालने के लिए कई व्यावहारिक सुझाव भी रखे।

नुक्कड़ सभा में सदर अनुमंडल सचिव आशीष कुमार तिरिया, कमलेश बिरूवा, शंकर बोदरा, सरस्वती पुरती, नंदनी बोदरा, सरिता बोदरा, तुलसी बोदरा, फूलमनी सोय, बिरसा बोदरा, जगदीश पुरती, सन्नी बोदरा, सुनीता बोदरा, आसमान पुरती, हुरता सोय, बागुन बोदरा, टोन्टो पुरती सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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