बिहार सरकार ने ‘सबका सम्मान, जीवन आसान निश्चय’ के तहत अम्बेडकर कल्याण छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए बड़ी पहल की है। राज्य के सभी 144 डॉ. अम्बेडकर कल्याण छात्रावासों में आगामी 25 अगस्त को ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ का आयोजन किया जाएगा। इस व्यवस्था के लागू होने से विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक, आवास या अन्य समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
छात्रावास स्तर पर मौजूद रहेंगे नोडल अधिकारी
शिविर के दौरान प्रत्येक अम्बेडकर कल्याण छात्रावास में छात्रावास समन्वयक-सह-प्रखंड कल्याण पदाधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहेंगे।
ये अधिकारी मौके पर ही आवासित छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद करेंगे, उनकी समस्याओं को दर्ज करेंगे और समाधान की दिशा में त्वरित सहयोग प्रदान करेंगे। शिविर में विद्यार्थियों को शैक्षणिक, व्यक्तिगत, छात्रावास व्यवस्था और अन्य बुनियादी जरूरतों से जुड़े सुझाव रखने का भी अवसर मिलेगा।
केवल शिकायत नहीं, व्यवस्था सुधार के लिए सुझाव भी होंगे अहम
प्रशासन ने इस मंच को केवल शिकायत निवारण तक सीमित नहीं रखा है। विद्यार्थी पढ़ाई के माहौल, बुनियादी सुविधाओं और समग्र शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव भी साझा कर सकेंगे। इन व्यावहारिक सुझावों के आधार पर छात्रावासों की व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
नियमित आयोजन: यह व्यवस्था केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगी।
तय शेड्यूल: प्रत्येक माह के चौथे मंगलवार को सभी छात्रावासों में नियमित रूप से विद्यार्थी सहयोग शिविर आयोजित होगा।
ऑनलाइन पोर्टल और 1100 हेल्पलाइन से भी दर्ज होंगी शिकायतें
शिविर के अलावा विद्यार्थियों की सुविधा के लिए डिजिटल व्यवस्था भी शुरू की गई है:
वेब पोर्टल: छात्र कभी भी आधिकारिक वेबसाइट sahyog.bihar.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत या सुझाव ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं।
टोल-फ्री हेल्पलाइन: शिविर और शिकायत प्रक्रिया की जानकारी के लिए विद्यार्थी निःशुल्क हेल्पलाइन नंबर 1100 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
30 दिनों के भीतर समाधान की कानूनी बाध्यता
इस व्यवस्था की सबसे अहम कड़ी तय समयसीमा है। पोर्टल या शिविर के माध्यम से परिवाद दर्ज होने की तिथि से 30 दिनों के भीतर उसका अनिवार्य रूप से निष्पादन किया जाएगा। समस्या के समाधान की स्थिति की जानकारी आवेदक को लिखित रूप में दी जाएगी, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।




