Patna: बिहार के ग्रामीण इलाकों में छोटे-मोटे विवादों को सुलझाने के लिए शुरू की गई डिजिटल व्यवस्था रंग ला रही है। पंचायती राज विभाग के अनुसार, जनवरी 2025 से अब तक पिछले डेढ़ वर्ष में ई-ग्राम कचहरी पोर्टल के माध्यम से 38 हजार से अधिक वादों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया जा चुका है। इस डिजिटल पहल से ग्रामीणों को अदालतों के चक्कर लगाने से राहत मिली है, साथ ही उनके समय और पैसे की भी बचत हो रही है।
37 हजार दीवानी और 31 हजार से अधिक फौजदारी मामले दर्ज
पंचायती राज विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, ई-ग्राम कचहरी पोर्टल पर जमीन-जायदाद से जुड़े करीब 37 हजार दीवानी मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें से 53 प्रतिशत मामलों का समाधान कर लिया गया है। इसके अतिरिक्त, आपसी लड़ाई-झगड़े और छोटे अपराधों से जुड़े फौजदारी मामलों की संख्या 31,274 रही। डिजिटल माध्यम से मामलों की नियमित ट्रैकिंग और पारदर्शिता बढ़ने से त्वरित न्याय मिलना संभव हुआ है।
मामलों के निष्पादन में पश्चिम चंपारण शीर्ष पर
जिलों के प्रदर्शन की बात करें तो पश्चिम चंपारण जिले ने सबसे बेहतर परिणाम दिए हैं:
पश्चिम चंपारण: कुल दर्ज मामलों में से 86 प्रतिशत का निपटारा किया। यहां 85 प्रतिशत दीवानी और 88 प्रतिशत फौजदारी मामलों में सफलता मिली।
लखीसराय: 77 प्रतिशत मामलों के समाधान के साथ दूसरे स्थान पर रहा (76% दीवानी, 78% फौजदारी)।
मधेपुरा: कुल 76 प्रतिशत मामलों का निष्पादन किया (75% दीवानी, 77% फौजदारी)।
गांव स्तर पर ही विवादों का समाधान होने से सामाजिक सद्भाव को बनाए रखने में भी मदद मिल रही है।
ई-ग्राम कचहरी पोर्टल पर कैसे दर्ज करें मामला?
ग्रामीण अपने विवादों के निपटारे के लिए घर बैठे ऑनलाइन वाद दर्ज कर सकते हैं:
आधिकारिक पोर्टल https://egramkachari.bihar.gov.in/ पर जाएं।
अपने मोबाइल नंबर और ओटीपी (OTP) की मदद से पंजीकरण (Registration) करें।
पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद ‘केस एंट्री’ विकल्प में जाकर ‘ऐड न्यू’ (Add New) का चयन करें।
आवश्यक विवरण भरें तथा संबंधित सरपंच, उप-सरपंच और पंच का चयन कर अपना वाद सबमिट करें।




