Patna: राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए सरकार द्वारा शुरू किया गया ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ बेहद प्रभावी साबित हो रहा है। सीएम सम्राट चौधरी की सरकार के ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ अभियान के तहत संचालित इस पहल के तहत अब तक शानदार नतीजे सामने आए हैं।
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आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, विभिन्न माध्यमों से प्राप्त कुल 3,101 आवेदनों में से 2,599 मामलों का सफल निष्पादन किया जा चुका है। इसके अलावा, दस्तावेजों या विवरणों में त्रुटि पाए जाने के कारण 185 आवेदनों को खारिज किया गया है, जबकि शेष 317 मामले अभी प्रक्रियाधीन (पेंडिंग) हैं, जिनका समाधान जल्द किया जाएगा।
क्या है विद्यार्थी सहयोग शिविर और इसका उद्देश्य?
राज्य सरकार ने विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं की शिकायतों और सुझावों के समयबद्ध समाधान के लिए यह विशेष व्यवस्था की है। इसके तहत निम्नलिखित मुख्य कदम उठाए गए हैं:
– हर महीने का चौथा मंगलवार: छात्रों की समस्याओं को सीधे सुनने और उनके समाधान के लिए हर माह के चौथे मंगलवार को शिविर आयोजित किए जाते हैं।
– सीधे परिसरों में पहुंच: ये शिविर सीधे उच्च शिक्षण संस्थानों (कॉलेज और यूनिवर्सिटी कैंपस) में आयोजित किए जाते हैं, ताकि छात्रों को सरकारी दफ्तरों के बेवजह चक्कर न काटने पड़ें।
– विद्यार्थी सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन: छात्रों की शिकायतों को ऑनलाइन दर्ज कराने के लिए एक समर्पित पोर्टल शुरू करने के साथ ही टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है।
किन समस्याओं का होता है समाधान और किसे मिलता है लाभ?
इस शिविर के माध्यम से शिक्षा प्रणाली, परीक्षा संबंधी दिक्कतें, हॉस्टल की व्यवस्था, पीने का पानी, कैंटीन और परिसरों में मिलने वाली अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई की जाती है। इसके साथ ही, छात्रों के नए विचारों (Innovations) को स्टार्टअप से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
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इसका सीधा लाभ राज्य के विभिन्न शिक्षण संस्थानों- विशेषकर इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलिटेक्निक संस्थानों और अंबेडकर छात्रावासों में पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं को मिल रहा है। सरकार की ओर से सख्त निर्देश दिए गए हैं कि पोर्टल या शिविर के माध्यम से आने वाली किसी भी शिकायत का समाधान अधिकतम 30 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई में किसी भी तरह की बाधा न आए।




