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ऐतिहासिक डील: अमेरिका और ईरान में थमी जंग, खुल गया समंदर का रास्ता!

New York, (USA): मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में लंबे समय से जारी तनाव और युद्ध की स्थिति आखिरकार समाप्त हो गई है। अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक शांति समझौता हुआ है, जिसने वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार को बड़ी राहत दी है। इस

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New York, (USA): मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में लंबे समय से जारी तनाव और युद्ध की स्थिति आखिरकार समाप्त हो गई है। अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक शांति समझौता हुआ है, जिसने वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार को बड़ी राहत दी है। इस समझौते के तहत ईरान वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को पूरी तरह से खोलने के लिए राजी हो गया है। इसके बदले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया की तेल और गैस की जरूरतों को पूरा करने वाले इस बेहद जरूरी समुद्री रूट से अमेरिकी नौसेना (नेवी) की नाकेबंदी को हटा लिया है। इस शांति समझौते का सकारात्मक असर भी तुरंत देखने को मिलने लगा है। करीब दो महीने से जारी कड़े प्रतिबंधों और नाकेबंदी के बाद अब समुद्र में जहाजों में भरकर ईरानी कच्चे तेल का निर्यात दोबारा शुरू हो चुका है।

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समुद्र में दौड़े सुपरटैंकर, 4.8 मिलियन बैरल तेल रवाना

शिपिंग पर नजर रखने वाली सैटेलाइट और ट्रैकिंग रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेशनल ईरानी टैंकर कंपनी (एनआईटीसी) के दो बड़े वीएलसीसी सुपरटैंकर भारी मात्रा में कच्चा तेल लेकर रवाना हुए हैं। इन दोनों सुपरटैंकर्स में कुल 3.8 मिलियन बैरल ईरानी कच्चा तेल भरा हुआ है, जो अब अमेरिकी नेवी की नाकेबंदी वाली तय सीमा से सुरक्षित बाहर निकल चुके हैं। पिछले दो महीनों के सूखे के बाद ईरान से कच्चे तेल का यह पहला बड़ा एक्सपोर्ट है, जिसकी पुष्टि 15 जून, 2026 के एआईएस डेटा और सैटेलाइट तस्वीरों के जरिए की गई है। इन दो जहाजों के तुरंत बाद एक तीसरा स्वेजमैक्स टैंकर भी 1 मिलियन बैरल तेल लेकर वहां से निकला है, जिससे अब तक कुल 4.8 मिलियन बैरल तेल अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए रवाना हो चुका है।

7 हफ्तों से थमे जहाजों को मिला रास्ता

ट्रैकिंग मैप के अनुसार, तेल के ये विशाल जहाज और स्ट्रीम नामक एक अन्य टैंकर अरब सागर में ओमान की खाड़ी के पास आगे बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। ये जहाज उस नाकेबंदी वाली कड़े पहरे की लाइन को पार कर रहे हैं, जो अप्रैल 2026 में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव के दौरान खींची गई थी। इसके अलावा, नेशनल ईरानी टैंकर कंपनी का जहाज स्ट्रीम वर्तमान में पाकिस्तान के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र से नाकेबंदी वाली लाइन की ओर बढ़ रहा है। यह जहाज ईरान के समुद्री क्षेत्र में प्रवेश करने के इंतजार में पिछले 7 हफ्तों से वहीं थमा हुआ था।

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80 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आया क्रूड ऑयल

अमेरिका और ईरान के बीच इस सफल डील के ऐलान के बाद से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट (क्रैश) दर्ज की जा रही है। लंबे समय से 100 से 110 डॉलर के ऊंचे स्तर पर रहकर दुनिया के देशों को डराने वाले ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत अब 80 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ चुकी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव लुढ़ककर 79.02 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जो इसका पिछले तीन महीनों का सबसे निचला स्तर है। वहीं दूसरी ओर, डब्ल्यूटीआई क्रूड ऑयल भी गिरकर 76.15 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। इसके साथ ही मर्बन क्रूड का भाव भी 7 फीसदी से ज्यादा फिसलकर 71 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। वैश्विक बाजार में तेल के दाम इतने सस्ते होने से दुनिया भर में छाई महंगाई का जोखिम काफी कम हो गया है।

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