फॉण्ट कनवर्टर NEW

हमेशा हंसते दिखने वाले उपेंद्र प्रसाद ने की आत्मह’त्या, गुवा में शोक की लहर

Chaibasa News: पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा क्षेत्र में शुक्रवार को उस समय मातम पसर गया, जब सेल से जुड़े जाने-माने ठेकेदार और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय उपेंद्र प्रसाद (करीब 55 वर्ष) के आत्महत्या करने की खबर सामने आई। हंसमुख स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और समाजसेवा

अपनी भाषा में पढ़ें

Chaibasa News: पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा क्षेत्र में शुक्रवार को उस समय मातम पसर गया, जब सेल से जुड़े जाने-माने ठेकेदार और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय उपेंद्र प्रसाद (करीब 55 वर्ष) के आत्महत्या करने की खबर सामने आई। हंसमुख स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और समाजसेवा के लिए पहचाने जाने वाले उपेंद्र प्रसाद के इस कदम ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। किसी को भी यह विश्वास नहीं हो पा रहा है कि हमेशा दूसरों का सहारा बनने वाले व्यक्ति ने ऐसा कठोर निर्णय कैसे ले लिया।

परिजनों के अनुसार, शुक्रवार की सुबह उपेंद्र प्रसाद रोज़ की तरह एलएनटी यार्ड स्थित अपने गोदाम और कार्यालय पहुंचे थे। दिन के शुरुआती घंटों में वे सामान्य रूप से ठेकेदारी से जुड़े कार्यों में व्यस्त रहे। उनके व्यवहार या बातचीत से किसी प्रकार की असामान्यता का आभास नहीं हुआ था। परिवार का कहना है कि उन्होंने कभी भी मानसिक तनाव, परेशानी या किसी दबाव की बात साझा नहीं की थी, जिससे यह अंदेशा लगाया जा सके कि वे ऐसा कदम उठा सकते हैं।

दोपहर करीब ढाई बजे जब उपेंद्र प्रसाद भोजन के लिए घर नहीं लौटे, तो परिजनों को चिंता हुई। मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन बार-बार कॉल करने के बावजूद फोन नहीं उठाया गया। आशंका बढ़ने पर उनका बेटा उन्हें देखने के लिए सीधे एलएनटी यार्ड स्थित कार्यालय पहुंचा। जैसे ही उसने कार्यालय के अंदर कदम रखा, वहां का दृश्य देख वह स्तब्ध रह गया। उपेंद्र प्रसाद मफलर के सहारे छत में लगे हुक से फांसी पर लटके हुए थे।

बेटे के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। तत्काल उन्हें नीचे उतारा गया और आनन-फानन में गुवा सेल अस्पताल ले जाया गया। हालांकि अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर के फैलते ही अस्पताल परिसर में सन्नाटा छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही गुवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कार्यालय परिसर का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारणों को जानने के लिए हर पहलू से जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इसके पीछे किसी प्रकार का दबाव, आर्थिक परेशानी, मानसिक तनाव या अन्य कोई कारण तो नहीं था।

उपेंद्र प्रसाद की पहचान सिर्फ एक ठेकेदार के रूप में नहीं, बल्कि एक समर्पित समाजसेवी के रूप में भी थी। गुवा बाजार स्थित काली मंदिर के निर्माण और विकास में उनका अहम योगदान रहा है। धार्मिक आयोजनों, सामाजिक कार्यक्रमों और जरूरतमंदों की मदद में वे हमेशा आगे रहते थे। उनके असामयिक निधन से न सिर्फ उनका परिवार, बल्कि पूरा गुवा क्षेत्र गहरे शोक में डूबा हुआ है। लोग उनके सरल स्वभाव और समाज के लिए किए गए कार्यों को याद कर नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram