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ईरान की उल्टी गिनती शुरू! ट्रंप ने तय कर लिया है तारीख …; मीडिया रिपोर्ट में दावा 

Washington, (US): मध्य पूर्व (Middle East) एक बार फिर विनाशकारी युद्ध के मुहाने पर खड़ा है। जिनेवा में जारी कूटनीतिक बातचीत के बावजूद, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते अविश्वास ने युद्ध की आशंकाओं को हकीकत में बदल दिया है। ताज़ा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,

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Washington, (US): मध्य पूर्व (Middle East) एक बार फिर विनाशकारी युद्ध के मुहाने पर खड़ा है। जिनेवा में जारी कूटनीतिक बातचीत के बावजूद, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते अविश्वास ने युद्ध की आशंकाओं को हकीकत में बदल दिया है। ताज़ा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए सैन्य कार्रवाई की एक गुप्त ‘डेडलाइन’ तय कर ली है। पेंटागन के सूत्रों का कहना है कि अगले कुछ हफ्तों में सैन्य टकराव की संभावना 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

महायुद्ध की तैयारी: हफ्तों तक चल सकता है संघर्ष

पेंटागन की रिपोर्टों के अनुसार, यदि यह सैन्य कार्रवाई शुरू होती है, तो यह कोई छोटा हमला नहीं होगा। यह एक “पूर्ण पैमाने का संघर्ष” (Full-scale conflict) हो सकता है जो कई हफ्तों तक चलेगा। इस अभियान में इजरायल की भी महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है। इजरायली रक्षा अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि वे अगले कुछ दिनों में युद्ध के किसी भी परिदृश्य के लिए तैयार हैं। पूर्व इंटेलिजेंस प्रमुख अमोस यादलिन ने तो यहां तक कह दिया कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए इजरायलियों को विदेश यात्रा से पहले दो बार सोचना चाहिए।

मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ‘शक्ति प्रदर्शन’

युद्ध की आहट के बीच अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी ताकत को अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचा दिया है। वर्तमान में वहां 2 एयरक्राफ्ट कैरियर, 12 युद्धपोत और सैकड़ों अत्याधुनिक लड़ाकू विमान (F-35, F-22) तैनात हैं। पिछले 24 घंटों में ही 50 से ज्यादा अमेरिकी सैन्य विमानों ने हथियारों और रसद के साथ मिडिल ईस्ट की ओर उड़ान भरी है। यह 2003 के इराक युद्ध के बाद इस क्षेत्र में अमेरिका का सबसे बड़ा हवाई जमावड़ा माना जा रहा है।

वार्ता विफल और बढ़ता गुस्सा

व्हाइट हाउस के सूत्रों का दावा है कि राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के अड़ियल रवैये से खासे नाराज हैं। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्पष्ट किया है कि ईरान उन ‘रेड लाइन्स’ को स्वीकार करने को तैयार नहीं है जो वॉशिंगटन ने तय की हैं। दूसरी ओर, ईरान ने भी रूस के साथ संयुक्त नौसैनिक अभ्यास और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास सैन्य ड्रिल शुरू कर दी है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए “सभी विकल्प मेज पर हैं”, और अब कूटनीति का समय समाप्त होता दिख रहा है।

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