रांची: मध्य प्रदेश के बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत के मामले को लेकर झारखंड प्रदेश आदिवासी कांग्रेस ने गुरुवार को रांची में धरना और सत्याग्रह किया। संगठन ने इस घटना के लिए मध्य प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए स्वास्थ्य मंत्री और उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल के इस्तीफे की मांग की।
लोक भवन, नागा बाबा खटाल के पास आयोजित धरने के बाद प्रदेश आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष राज उरांव ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए मामले की उच्चस्तरीय जांच और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की गई।
राज उरांव ने कहा कि बालाघाट के बिरसा और बैहर क्षेत्र के आदिवासी गांवों में जून 2026 से बच्चों के बीमार होने और मौत के मामले सामने आए हैं। संगठन का दावा है कि इस दौरान करीब 30 आदिवासी बच्चों की मौत हुई। बच्चों में बुखार, दाने, सांस लेने में परेशानी, दस्त और आंखों में सूजन जैसे लक्षण पाए गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि दूरदराज के आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, टीकाकरण में कमी, कुपोषण और समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण स्थिति गंभीर हुई।
मुआवजे और नौकरी की मांग
आदिवासी कांग्रेस ने प्रत्येक मृतक बच्चे के परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। संगठन ने प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की भी मांग की।
राज उरांव ने कहा कि सरकार की ओर से घोषित मुआवजा पीड़ित परिवारों के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप कर उच्चस्तरीय जांच और आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश देने की अपील की।
कार्यक्रम में आदिवासी कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।




