Kathmandu, Nepal: नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में विनाशकारी बाढ़ की त्रासदी के तुरंत बाद अब तिब्बत में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 5.0 मापी गई, जिससे सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग बुरी तरह सहम गए। इस ताजा भूकंप से फिलहाल किसी बड़े जान-माल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में इस भूगर्भीय हलचल ने वैज्ञानिकों और प्रशासन की चिंताएं जरूर बढ़ा दी हैं।
ग्लेशियर टूटने से मची थी भीषण तबाही
इससे पहले बीते 26 अगस्त को नेपाल के रसुवा जिले और चीन के तिब्बत क्षेत्र में अचानक आए मलबे के सैलाब ने व्यापक तबाही मचाई थी। ग्लेशियर और चट्टानों का एक बहुत बड़ा हिस्सा खिसकने की वजह से बर्फ, पानी और कीचड़ का तेज बहाव निचले इलाकों में आ गया था। इसका भयानक असर ल्हेंदे खोला, भोटेकोशी और त्रिशूली नदी घाटियों में देखने को मिला था।
वैज्ञानिक विश्लेषण के मुताबिक, उस समय दर्ज हुए सीस्मोग्राफ सिग्नल भूकंप नहीं, बल्कि ग्लेशियर और चट्टान के गिरने से पैदा हुए कंपन थे। नेपाल में आई इस हालिया आपदा में करीब 20 हजार घरों के पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई है, जिन्हें दोबारा बनाए जाने की जरूरत है।





