रांची: झारखंड के युवाओं के लिए उड्डयन (एविएशन) के क्षेत्र में करियर बनाने का एक बेहतरीन अवसर सामने आया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दूरदर्शी पहल के तहत राज्य में जल्द ही पूर्वी भारत का पहला सरकारी एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (AME) और एयर होस्टेस ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट शुरू होने जा रहा है। इन दोनों महत्वाकांक्षी पाठ्यक्रमों का औपचारिक शुभारंभ नवंबर 2026 में राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा।
धनबाद में PPP मॉडल पर होगा संचालन
इस योजना के तहत झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट ने दिल्ली की प्रतिष्ठित संस्था मेसर्स वेन्योर (M/s Venvyor) के साथ AME पाठ्यक्रम के लिए समझौता (MoU) किया है। वहीं, एयर होस्टेस और केबिन क्रू प्रशिक्षण के लिए एआईएसईसीटी (AISECT) लिमिटेड, भोपाल के साथ करार किया गया है। इन दोनों पाठ्यक्रमों की पढ़ाई धनबाद स्थित ‘झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट’ के आधारभूत ढांचे का उपयोग करते हुए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर की जाएगी।
पड़ोसी राज्यों के युवाओं को भी होगा सीधा फायदा
राज्य सरकार के इस कदम से न केवल झारखंड, बल्कि पड़ोसी राज्यों बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के युवाओं को भी अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त करने का मौका मिलेगा। इससे अभ्यर्थियों को दिल्ली, मुंबई या अन्य दूर-दराज के शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे उनके समय और आर्थिक संसाधनों की भारी बचत होगी।
कोर्स की अवधि, सीट और शुल्क विवरण
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एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (AME): यह 3 वर्षीय कोर्स होगा, जिसमें कुल 60 सीटें निर्धारित की गई हैं। इसकी कुल फीस ₹6 लाख है, जिसे प्रति वर्ष ₹2-2 लाख की तीन किस्तों में चुकाया जा सकेगा।
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एयर होस्टेस ट्रेनिंग: इसमें दो विकल्प उपलब्ध होंगे—6 महीने का सर्टिफिकेट कोर्स और 12 महीने का डिप्लोमा कोर्स। दोनों में 60-60 सीटें होंगी। 6 महीने के कोर्स की फीस ₹1,00,500 तथा 12 महीने के डिप्लोमा की फीस ₹1,55,500 तय की गई है। इस शुल्क में यूनिफॉर्म (ड्रेस), ग्रूमिंग किट और स्विमिंग ट्रेनिंग का खर्च भी शामिल है।
आवेदन की प्रक्रिया
पाठ्यक्रमों का संचालन नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) की अंतिम स्वीकृति के बाद शुरू होगा। एयर होस्टेस कोर्स में प्रवेश के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 जुलाई 2026 तय की गई है। इच्छुक उम्मीदवार झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट के प्रबंध निदेशक कैप्टन एस.पी. सिन्हा के अनुसार, यह पहल राज्य में कुशल उड्डयन जनशक्ति (Aviation Human Resources) तैयार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।



