Ranchi/New Delhi: 14वीं झारखंड संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (JPSC) में कथित धांधली और अनियमितता के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने मामले की CBI जांच की मांग वाली याचिका पर केंद्र और झारखंड सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
यह सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने की। याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन ने दायर की है।
परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने की मांग
याचिका में 19 अप्रैल 2026 को हुई 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द कर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में दोबारा परीक्षा कराने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि 2 जुलाई को रिजल्ट जारी होने के बाद एक सफल अभ्यर्थी की OMR शीट की कार्बन कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी।
इस मामले को लेकर रांची समेत राज्य के कई हिस्सों में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था।
स्वतंत्र जांच समिति की मांग
याचिकाकर्ता ने मामले की जांच के लिए झारखंड से बाहर के किसी सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट जज की अध्यक्षता में स्वतंत्र समिति बनाने की मांग की है। समिति में फोरेंसिक, साइबर सुरक्षा, OMR मूल्यांकन और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े विशेषज्ञों को शामिल करने का सुझाव दिया गया है।
याचिका में OMR शीट, प्रश्नपत्र, उत्तर कुंजी, CCTV फुटेज, बायोमेट्रिक डेटा और परीक्षा से जुड़े अन्य रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की भी मांग की गई है।
इससे पहले 18 अगस्त को झारखंड सरकार ने 11वीं से 13वीं JPSC समेत 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की अधिसूचना जारी की थी। हालांकि, 20 अगस्त को झारखंड हाईकोर्ट ने 11वीं से 13वीं JPSC के जरिए हुई नियुक्तियों को खत्म करने के राज्य सरकार के फैसले पर रोक लगा दी थी।




