फॉण्ट कनवर्टर NEW

गयाजी पितृपक्ष मेले में श्रद्धालुओं के लिए खास इंतजाम, आवास से लेकर परिवहन तक की सुविधा

गया में पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने आवास, भोजन, पानी, स्वास्थ्य, सुरक्षा और परिवहन समेत कई सुविधाओं की व्यवस्था की है। मेले के लिए 21 अलग-अलग कोषांग

अपनी भाषा में पढ़ें

पटना : गया में पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने आवास, भोजन, पानी, स्वास्थ्य, सुरक्षा और परिवहन समेत कई सुविधाओं की व्यवस्था की है। मेले के लिए 21 अलग-अलग कोषांग बनाए गए हैं।

ठहरने के लिए टेंट सिटी और सामुदायिक भवन

श्रद्धालुओं के लिए 2500 लोगों की क्षमता वाली टेंट सिटी, 39 सामुदायिक भवनों में 10,180 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा 122 होटल और रेस्ट हाउस में करीब 7,817 लोगों के ठहरने की सुविधा है। पंडा समूहों के लिए 527 निजी भवनों और धर्मशालाओं की भी व्यवस्था की गई है।

पानी और सफाई की विशेष व्यवस्था

फल्गू नदी की सफाई ट्रैश क्लीनिंग बोट से की जा रही है। मेला क्षेत्र में निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। 18 स्थानों पर पनशाला, 197 चापाकल और 53 स्टैंड पोस्ट बनाए गए हैं। पनशालाओं में श्रद्धालुओं के लिए आरओ का शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा 134 स्नानागार और 74 चेंजिंग रूम बनाए गए हैं।

स्वास्थ्य के लिए 75 शिविर, 12 एंबुलेंस तैनात

श्रद्धालुओं के लिए 75 स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं। इनमें 125 डॉक्टर, 178 पैरामेडिकल कर्मी और 52 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात रहेंगे। 53 प्रकार की दवाएं भी उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा 125 बेड, 12 एंबुलेंस, 2 शव वाहन और 5 मोबाइल मेडिकल टीम तैनात रहेगी।

50 रिंग बस और 150 ई-रिक्शा की सुविधा

श्रद्धालुओं के लिए 18 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। मेला क्षेत्र में 50 रिंग बसें चलेंगी। घाट और सरोवर तक पहुंचने के लिए 150 ई-रिक्शा की मुफ्त सुविधा दी जाएगी। वृद्ध श्रद्धालुओं के लिए 50 व्हीलचेयर की भी व्यवस्था की गई है।

30 रुपये में मिलेगा भोजन

श्रद्धालुओं के लिए ‘दीदी की रसोई’ शुरू की गई है, जहां 30 रुपये में स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलेगा। गयाजी रेलवे स्टेशन पर 2,000 लोगों की क्षमता वाला प्रतीक्षालय भी तैयार किया गया है।

बच्चों के लिए क्यूआर रिस्ट बैंड

मेले में बच्चों के परिजनों से बिछड़ने की स्थिति को देखते हुए बच्चों के हाथ में क्यूआर आधारित रिस्ट बैंड बांधा जाएगा। इससे भीड़ में बच्चा अलग होने पर उसे आसानी से ट्रेस करने में मदद मिलेगी। सुरक्षा के लिए 67 स्थानों पर 335 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और 24 घंटे नियंत्रण कक्ष काम करेगा।

लेजर शो और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे आकर्षण

रबर डैम और ब्रह्मसत तालाब परिसर में लेजर लाइट और साउंड शो का आयोजन किया जाएगा। मेले में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। इसके अलावा निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए अतिरिक्त पावर ट्रांसफॉर्मर, फीडर और अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram